
बरेली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा कचरे से सड़क निर्माण की गाइडलाइंस जारी करने के बाद, इसका दुरुपयोग शुरू हो गया। ठेकेदारों ने गुणवत्ता की अनदेखी करते हुए गाइडलाइंस को घोटालों का जरिया बना लिया। ताजा मामला बरेली के वार्ड-34 परतापुर चौधरी क्षेत्र का है, जहां नाली और सीसी सड़क निर्माण कार्य में सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन) वेस्ट मटेरियल का इस्तेमाल किया गया।
क्षेत्रीय लोगों की शिकायत के बाद नगर निगम ने जांच कराई। निर्माण कार्यदायी एजेंसी दक्ष इंफ्राटेक द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया गया। सड़क के सैंपल जांच में फेल हो गए। इसके बाद नगर निगम ने दोषी ठेकेदार पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
वार्ड-34 के अलावा वार्ड-37 (मोहल्ला खड़ौआ) और वार्ड-49 (शास्त्री नगर) में भी घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर सड़क और नाली निर्माण का मामला सामने आया।
दयाशंकर के मकान से घाट तक लिंक सड़क और नाली निर्माण में अनियमितता।
एन ब्लॉक में फारुख से फिरोज, महताब से गुलाब नबी और शमशाद हुसैन से शरीफ के मकान तक सीसी सड़क और नाली निर्माण में नियमों का उल्लंघन।
रामपाल सक्सेना के मकान से नईम खां तक लिंक गलियों में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग।
नगर निगम ने तीनों फर्मों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और निर्माण कार्यों को मानकों के अनुरूप कराने के निर्देश दिए।
नगर निगम ठेकेदारों पर आरोप है कि वे 20-30% बिलों में गड़बड़ी कर घटिया सामग्री का उपयोग कर रहे हैं। यह न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि जनता के लिए बनाई जा रही सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा रहा है।
Published on:
28 Dec 2024 06:13 pm
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