
बुधवार को लोकसभा में वक्फ बोर्ड विधेयक पेश किया गया। इस पर चर्चा के दौरान कैराना से सपा सांसद इकरा हसन ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह बिल मुसलमानों की भलाई के लिए नहीं, बल्कि उनकी पहचान और विरासत को खत्म करने के लिए लाया गया है।
इकरा हसन ने अपनी बात रखते हुए कहा, "मैं इस बिल की टाइमिंग की सराहना करना चाहूंगी कि ईद की रौनक अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि हमारी जड़ों पर एक नया फरमान आ गया। पहले उत्तर प्रदेश में मुसलमानों को नमाज पढ़ने से रोका गया और अब यह विधेयक लाया गया है।"
इकरा हसन ने कहा कि ईद के मौके पर एक विधवा महिला अपनी बेटी के साथ उनके पास आई और चिंता जताई कि वक्फ की संपत्ति पर रहने के कारण यह बिल उसकी जमीन छीन सकता है। उन्होंने बताया कि लाखों गरीब लोग वक्फ की संपत्तियों से अपना जीवनयापन कर रहे हैं।
वक्फ बाय यूजर का मतलब है कि कोई भी संपत्ति जो दीन और भलाई के काम में इस्तेमाल हो रही है, वह वक्फ मानी जाएगी। अदालतों ने भी इसे मान्यता दी है और यह सिर्फ वक्फ बोर्ड तक सीमित नहीं, बल्कि अन्य धार्मिक ट्रस्टों पर भी लागू होता है। भारतीय संविधान में इसे कानूनी वैधता मिली हुई है।
Published on:
02 Apr 2025 10:47 pm
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