
पिटाई के दौरान की फोटो
( Kanwar Yatra ) मुजफ्फरनगर में जिस ई-रिक्शा चालक को कांवड़ियों ने पीटा था छह दिन बाद उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार के लोग परेशान हैं लेकिन इनका आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में बीमारी से मौत होने के बात कहकर फाइल बंद कर दी है।
मुजफ्फरनगर में पिछले दिनों कांवड़ियों ने एक रिक्शा चालक की पिटाई कर दी थी। कांवड़ियों ने इसे लाठी डंडों से पीटा था। इसके बाद पहुंचे पुलिसकर्मियों ने किसी तरह इसे छुड़वाकर अस्पताल में भर्ती करवाया था। इस घटना के करीब पांच दिन बाद रिक्शा चालक की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले की जांच ठीक से नहीं की और बीमारी से मौत होना बताते हुए क्लोजर रिपोर्ट लगा दी।
रिक्शा चालक मोहित की बहन नीलम ने अपने भाई की मौत के बाद कहा है कि अगर मेरे भाई की कांवड़ियों को साइड अगर लग भी गई थी तो मेरे भाई को कम पीटना चाहिए था। इतना नहीं पीटना चाहिए था जिससे उसकी मौत हो जाए। बाद में महिला ने यही कहा कि पता नहीं कांवड़ियों ने उसके भाई को चाकू मारा या कुछ और जिससे उसकी मौत हो गई। महिला का कहना है कि उसका भाई बीमार नहीं था वो रिक्शा चलाता था अगर वो बीमार होता तो रिक्शा कैसे चलाता।
Updated on:
29 Oct 2024 10:11 pm
Published on:
01 Aug 2024 10:32 pm
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