
बरेली। इज्जतनगर क्षेत्र में भूमिगत बिजली केबल डालने के मामले में ठेकेदार को गलत तरीके से भुगतान कर दिया। इससे बिजली निगम को वित्तीय नुकसान पहुंचा है। मुख्य अभियंता रणविजय सिंह ने जूनियर इंजीनियर (जेई) अनिल कुमार को निलंबित कर दिया है। साथ ही, एसडीई के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं। फिलहाल, जेई अनिल कुमार विजिलेंस विभाग में तैनात थे।
जांच के दौरान हुआ खुलासा
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब सनसिटी बिजली उपकेंद्र के पीरबहोड़ा में नगर निकाय योजना के तहत भूमिगत बिजली केबल और एचडीपीई पाइप बिछाने के काम की जांच की गई। उस समय अनिल कुमार की तैनाती जेई के रूप में थी। जांच में पाया गया कि 295 मीटर भूमिगत केबल और 1,200 मीटर एचडीपीई पाइप का काम नहीं किया गया था, बावजूद इसके ठेकेदार को पूरा भुगतान कर दिया गया।
295 मीटर केबल और 1,200 मीटर पाइप घोटाला
जेई अनिल कुमार ने गलत मापन करते हुए मेजर बुक में पूरे काम को दर्शाया, जबकि 295 मीटर केबल और 1,200 मीटर पाइप की कमी थी। इसके बावजूद ठेकेदार को गलत तरीके से भुगतान कर दिया गया, जिससे निगम को आर्थिक नुकसान हुआ।
विजिलेंस में नई तैनाती के बाद घोटाला उजागर
एक महीने पहले ही जेई अनिल कुमार की विजिलेंस में तैनाती की गई थी। इससे पहले विजिलेंस विभाग में तैनात जेई इंद्राज को भी आरोपों के चलते हटा दिया गया था। अनिल कुमार को सनसिटी उपकेंद्र से विजिलेंस में भेजा गया था, लेकिन अब उन्हें निलंबित कर दिया गया है। उनके स्थान पर विजिलेंस विभाग में अभी किसी की तैनाती नहीं हुई है।
प्रारंभिक जांच में आरोपी की पुष्टि, अटैच
प्रारंभिक जांच में जेई अनिल कुमार के खिलाफ आरोप सही पाए गए हैं, जिसके बाद उन्हें निलंबित करते हुए विद्युत वितरण खंड द्वितीय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, एसडीई के खिलाफ भी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
Published on:
08 Oct 2024 11:52 am
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