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Mahakumbh 2025 Ground Report: पिता-बेटी और दामाद संभाल रहे VIP घाट पर सफाई की जिम्मेदारी, महीना बिता लेकिन गंगा सेवा दूतों को नहीं मिली सैलरी

Prayagraj Mahakumbh 2025: महाकुम्भ प्रयागराज 2025 में रोज लाखों लोग आस्था और विश्वास की डुबकी लगा रहे हैं। मकर संक्रांति के दिन तो रिकॉर्ड 3.5 करोड़ लोगों ने स्नान किया। इतने लोगों के स्नान के बाद घाटों को साफ करना बेहद चैलेंजिंग काम है। लेकिन, इसको आसान बनाते हैं गंगा सेवा दूत, आइए इनकी कहानी को जानते हैं...

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Patrika Mahakumbh 2025 GrounD Report: प्रयागराज महाकुम्भ में हर दिन लाखों लोग संगम में आस्था और विश्वास की डुबकी लगा रहे हैं। मकर संक्रांति के पर्व पर रिकॉर्ड 3.5 करोड़ लोगों ने संगम में स्न्नान किया। स्नान के बाद घाटों पर कचरा का ढेर ना लगे, गंदगी ना फैले, सुबह होने से पहले घाटों को चमकाने की जिम्मेदारी जो शिद्दत से निभा रहे हैं जानिए उन गंगा सेवा दूतों की कहानी…

तारीख: 14 फरवरी, समय: रात के 9 बजे, जगह: VIP घाट किला महाकुम्भ, प्रयागराज । सर पर लाल टोपी, मुंह में पान, मूंछों पर ताव और हाथ में झाड़ू। सर्द रात में बुजुर्ग दिखने वाले एक शख्स अति विशिष्ट लोगों यानी VIP के स्नान के लिए बने किला घाट की सफाई कर रहे थे। मैं उनके करीब गया। मुझे अपनी तरफ आते देख वह रुक गए, फिर कुछ सेकंड बाद बोले- बाबूजी सफाई ठीक है न? उनको लगा मैं कोई अधिकारी हूं और घाटों के इंस्पेक्शन करने के लिए आया हूं। मैंने अपना परिचय दिया तो वह नार्मल हुए। पूछने पर उन्होंने अपना नाम बंसी लाल बताया। अपना परिचय देते हुए आगे बताया कि मेरी उम्र 65 साल हैं और मैं यूपी के बांदा जिले का रहने वाला हूं। यहां क्या करते हैं? कैसे आए ? क्या सुविधा मिलती है? कोई तकलीफ? मेरे इन सवालों पर उन्होंने अपनी मूंछों पर तव देते हुए कहा कि, “ मैं इस घाट का सफाई मैनेजर हूं।”

पिता-बेटी और दामाद ने संभाला VIP घाट पर सफाई का मोर्चा

बंसीलाल ने बगल में सफाई कर रहे एक व्यक्ति का परिचय देते हुए कहा कि इनका नाम गोरेलाल है और यह मेरे दामाद हैं। थोड़ी दूर पर एक महिला घाट पर बैठ कर चूड़ा और गुड़ खा रही थी उसकी तरफ इशारा करते हुए कहा कि वो मेरी बेटी है जिसका नाम सुमन है। बंसी लाल, गोरेलाल और सुमन यानी पिता-बेटी और दामाद 1 दिसंबर से इस घाट पर ड्यूटी कर रहे हैं।

33 लोग करते हैं VIP घाट पर ड्यूटी, 12500 रुपए मिलती है तनख्वाह

बंसी लाल ने अपने काम के बारे में बताया कि इस घाट पर एक शिफ्ट 8 घंटे की होती है। एक शिफ्ट में 10 सफाई कर्मचारी और एक मैनेजर की तैनाती रहती है। VIP घाट को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी कुल 30 सफाई कर्मचारी और 3 मैनेजर के पास है। वेतन के तौर पर हमें 12500 रुपए महीने मिलते हैं और हम लोग संविदा पर रखे गए हैं।

आम पब्लिक के घाट पर भी सफाई चकाचक

VIP घाट किला के बगल में आम श्रद्धालुओं के स्नान के लिए कच्चे घाट बनाये गए हैं। वहां पर मेरी मुलाकात यूपी में बांदा जिला के रहने वाले पवन जुगेल, मनीष और अजीत से हुई। यह तीनों घाट की सफाई करने के बाद हाथ में झाड़ू लेकर बैठे थे और मोबाइल में रील्स देख रहे थे। मनीष ने बताया कि जब बहुत अधिक भीड़ होती है तो हम झाड़ू लगाना मुश्किल है, उस स्थिति में हम घट पर घूम-घूम कर एक बड़ी सी पॉलिथीन में कचरा इकट्ठा करते हैं और उसको कचरे वाली गाड़ी बुलाकर डम्पिंग यार्ड में भिजवा देते हैं।

सफाई की हो रही तारीफ, लोग दे रहे हैं सम्मान

अजीत ने बताया कि सफाई कर्मचारियों के प्रति लोगों का नजरिया बदला है। पहले लोग हमें सम्मान नहीं देते थे। लेकिन, इस महाकुम्भ में लोग हमारे काम की तारीफ कर रहे हैं और सम्मान दे रहे हैं। पॉलिथीन लेकर पास आने पर वह खुद से अपना कचरा डाल देते हैं। लोगों का यही सम्मान हमारे काम करने के जूनून को और बढ़ा देता है।

14 हजार है सैलरी, महीना बीता लेकिन अभी नहीं आई सैल

सफाई कर्मचारी पवन जुगल ने बताया कि उन्हें काम के बदले 14 हजार की सैलरी मिलेगी ऐसा बताया गया था। लेकिन, एक महीने बाद भी अभी तक सैलरी नहीं आई है। हम लोगों का भी घर-बार है। बच्चे हैं। ऐसे कैसे काम चलेगा?