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बरेली में सकलैन मियां उर्स: मामला हाईकोर्ट पहुंचा, पुलिस प्रशासन ने नहीं दी अनुमति

आस्तान-ए-आलिया सकलैनिया शराफतिया और अन्य की ओर से आयोजित होने वाले उर्स-ए-सकलैनी को लेकर जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया,

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बरेली। आस्तान-ए-आलिया सकलैनिया शराफतिया और अन्य की ओर से आयोजित होने वाले उर्स-ए-सकलैनी को लेकर जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। याचिका दाखिल करने के बाद दरगाह के प्रतिनिधि रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों से मिले और हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए 8 और 9 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी। प्रशासन ने इसे नई परंपरा बताते हुए अनुमति को खारिज कर दिया।

इस्लामिया मैदान में उर्स कराने की मांग
दरगाह शाह शराफत से जुड़े लोगों ने उर्स के दौरान बड़ी भीड़ की संभावना को देखते हुए इस्लामिया मैदान की मांग की थी, ताकि अकीदतमंदों को कोई परेशानी न हो। लेकिन प्रशासन ने पहले ही इस मांग को खारिज कर दिया था, जिसके चलते दरगाह के लोग हाईकोर्ट तक पहुंचे। कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने दोबारा प्रशासन से 8 और 9 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी, लेकिन फिर भी प्रशासन ने इसे अस्वीकार कर दिया। सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि सकलैन मियां के उर्स की अनुमति नहीं दी गई है।

दरगाह वाले बोले, निकलेगा समस्या का समाधान

शाह शराफत दरगाह के मीडिया प्रभारी हमजा सकलैनी ने कहा कि इस्लामिया मैदान इसलिए जरूरी है क्योंकि उर्स के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद जमा होते हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर हाईकोर्ट के आदेश भी प्रस्तुत किए, लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर प्रशासन से बातचीत अभी जारी है और उन्हें उम्मीद है कि समाधान निकलेगा।
सिटी मजिस्ट्रेट राजीव शुक्ला ने कहा कि उर्स के अंतिम दिन के कार्यक्रम के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन प्रशासन ने इसे नई परंपरा बताते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया है।