गाजीपुर. पूरे विश्व में 3 जगह स्थित 13 मुखी शिवलिंग में से एक यूपी के गाजीपुर में स्थित है। जिसे महाहर धाम के नाम से जाना जाता है। महाशिवरात्रि के पर्व पर यहां लाखों भक्तों की भीड़ लगती है। मरदह में स्थित यह विश्व प्रसिद्ध प्राचीन तेरह मुखी शिवलिंग जो जमीन के अंदर से उस वक्त निकला था जब पुरातन काल में प्रचंड सूखे से निजात पाने के लिए कुएं का निर्माण कराने की कोशिश की गई थी। महाहर धाम के बारे में प्रसिद्ध है कि यहां राजा दशरथ के शब्दभेदी वाण से भूलवश श्रवण कुमार की हत्या हुई थी और यहीं वो स्थान है जहां श्रवण कुमार के अंधे और बुढ़े मां बाप ने राजा दशरथ को श्राप दिया था और उन्होंने भी यहीं प्राण त्यागे थे।
कुंए के अंदर से मिला था शिवलिंग
किवदन्तियों और शिव महापुराण के अनुसार जब इस स्थान ने धार्मिक रूप ले लिया तो यहां सुखे के चलते कुएं के निर्माण के दौरान जमीन में तकरीबन 8 से 10 फीट नीचे अलौकिक व विश्व प्रसिद्ध तेरह मुखी आप रूपी शिवलिंग प्रकट हुआ। जिसे देख कर लोगों को इस स्थान से विशेष आस्था हो गई और पूजारियों की माने तो ये मक्केश्वर महादेव ( जिनकी मक्का में होने की मान्यता मानी जाती है) का ही दूसरे रूप है और इतना अद्भुत शिवलिंग कही और नहीं है। लोगों का मानना है कि महाहर धाम के इस शिवलिंग में इतना महात्म है कि अगर इस शिवलिंग की जिसने भी पूजा अर्चना की उसके सारे मनोरथ सफल होते है और अगर आप ने कुछ करने का वादा किया है और आप भूल जाते है तो आपके सारे मनोरथ व्यर्थ भी हो जाते है। और इसी डर से यहां पर कोई झुठ नहीं बोल पाता है।
By-Alok Tripathi