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मिर्जापुर के बाद अनुप्रिया पटेल इस सीट पर लगायेंगी दांव तो बढ़ जायेगी अखिलेश यादव की परेशानी

बीजेपी से चल रही है वार्ता, लोकसभा चुनाव 2019 में बन जायेगा नया समीकरण

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Anupriya Patel and Akhilesh Yadav

Anupriya Patel and Akhilesh Yadav

वाराणसी. बीजेपी व अपना दल में सीटों का बंटवारा हो चुका है। अनुप्रिया पटेल की अपना दल को लोकसभा चुनाव 2019 में दो सीट दी गयी है। मिर्जापुर से खुद अनुप्रिया पटेल चुनाव लडऩे वाली है जबकि दूसरी सीट को लेकर अभी खुलासा नहीं हुआ है। पार्टी ने बीजेपी से यह सीट लेने का दबाव बनाया हुआ है यदि बीजेपी ने अपना दल को यह सीट दे दी तो अखिलेश यादव परेशानी बढऩी तय है।
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बीजेपी चाहती है कि अपना दल पूर्वांचल की ही दो सीटों पर चुनाव लड़े। पूर्वांचल की 26 सीटों में अंतिम तीन चरण में चुनाव होने हैं ऐसे में सीटों को लेकर अभी खुलासा नहीं हो रहा है कि कौन दल किस सीट से चुनाव लड़ेगा। अनुप्रिया पटेल वर्ष 2014 में मिर्जापुर सीट से चुनाव जीती थी और इस बार भी इसी सीट से चुनाव लडऩा चाहती है। अखिलेश यादव व मायावती के गठबंधन के तहत मिर्जापुर सीट सपा के खाते में गयी है। राहुल गांधी व प्रियंका गांधी ने भी मिर्जापुर सीट पर ललितेश पति त्रिपाठी को प्रत्याशी बना कर बड़ा दांव खेला है ऐसे में माना जा रहा है कि अनुप्रिया पटेल के लिए मिर्जापुर सीट की राह आसान नहीं रह गयी है।
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बीजेपी से यह सीट चाहती है अनुप्रिया पटेल
सूत्रों की माने तो अनुप्रिया पटेल बीजेपी से राबर्ट्सगंज सीट चाहती है। इसके पीछे बड़ा राजनीतिक कारण है। अनुप्रिया पटेल इस सीट से किसी कोल को चुनाव लड़ाना चाहती है। इस सीट पर कोल बिरादरी का वोट निर्णायक साबित हो सकता है। इसके अतिरिक्त मिर्जापुर में भी कोल बिरादरी का लाखों में वोट है। यदि अपना दल को राबट्र्सगंज सीट मिल जाती है और किसी कोल बिरादरी को टिकट मिल जाता है तो अनुप्रिया पटेल को मिर्जापुर सीट पर इसका लाभ मिलने की संभावना रहेगी। यदि अपना दल को मिर्जापुर व राबर्ट्सगंज दोनों ही सीटों पर प्रत्याशी लड़ाने का मौका मिलता है तो इससे अखिलेश यादव की परेशानी बढ़ सकती है। दोनों ही दल पिछड़े व अति पिछड़ों को लामबंद करने में जुटे हुए हैं। अपना दल के साथ बीजेपी के वोटर होंगे तो सपा को बसपा वोटरों को लाभ मिलेगा। ऐसे में इन सीट पर चुनाव जीतना किसी भी दल के लिए आसान नहीं होगा।
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जौनपुर व फुलपुर सीट पर बात बनने की उम्मीद कम
अपना दल को जौनपुर सीट मिल सकती है जिसको लेकर पार्टी अधिक सक्रिय नहीं है। पटेल वोटरों के हिसाब से देखा जाये तो फूलपुर सीट बहुत मुफीद हो सकती है लेकिन कभी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या की सीट को बीजेपी छोडऩा नहीं चाहती है। ऐसे में अपना दल को दूसरी कौन सीट मिलती है इस पर सभी की निगाहे लगी है।
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