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मच गया सियासी-धार्मिक भूचाल! स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की CM योगी को खुली चुनौती: 40 दिनों का अल्टीमेटम

Swami Avimukteshwaranand On CM Yogi: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की CM योगी को खुली चुनौती देते हुए 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि यहां लोगों के काम राक्षसों के हैं और चोला साधुओं का पहने बैठे हैं।

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swami avimukteshwaranand said that cm yogi adityanath should provide proof of his hindu within 40 days

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की CM योगी को खुली चुनौती। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Swami Avimukteshwaranand On CM Yogi: प्रयागराज माघ मेला छोड़ने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद लगातार सरकार पर जमकर जुबानी हमले कर रहे हैं। शुक्रवार को वाराणसी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण पत्र मांगा गया था, जिसे उन्होंने प्रस्तुत कर दिया। उनके प्रमाण सही और प्रामाणिक थे, इसलिए उन्हें स्वीकार करना पड़ा।

UP News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान

शंकराचार्य ने आगे कहा कि अब प्रमाण मांगने का समय निकल चुका है। अब सवाल CM योगी से होना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब CM योगी को यह प्रमाण देना चाहिए कि वे हिंदू हैं। उनके इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।

Varanasi News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने CM योगी को दिया 40 दिनों का समय

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, '' आपको हम 40 दिनों का समय दे रहे हैं। इन 40 दिनों में आप यह प्रमाण दीजिए कि आप वास्तव में गो-भक्त हैं। अगर आप यह प्रमाण नहीं दे पाते हैं, तो माना जाएगा कि आप नकली हिंदू हैं, कालनेमि हैं, पाखंडी और ढोंगी हैं। सिर्फ दिखावे के लिए आपने गेरुआ वस्त्र धारण किया है।''

Varanasi: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर साधा निशाना

इससे पहले मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि यहां लोगों के काम राक्षसों के हैं और चोला साधुओं का पहने बैठे हैं। उन्होंने कहा कि संत कभी बंट नहीं सकते। संत के नाम पर जो लोग वेशधारी बनकर दिखाई देते हैं, वो अपने आप ही अलग हैं। वे असली संत नहीं हैं। ढोंगी संत और सच्चा संत हमेशा अलग होते हैं। प्रयागराज में जो लाठी चलाई गई, उसका निशाना सिर्फ असली संत नहीं थे। लाठी उन लोगों पर भी चली जो गुरुकुल में शिक्षा लेने आए थे, संन्यासियों, ब्रह्मचारियों, साध्वियों और बुजुर्गों पर भी। ये सब लोग सनातन धर्म का हिस्सा हैं। जिनको इससे पीड़ा नहीं हो रही, वे असली संत नहीं हैं, बल्कि ढोंगी संत हैं।

सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप

उन्होंने सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पहले किसी पर हमला होता था, लेकिन महिलाओं और बच्चों को नहीं छुआ जाता था। अब ऐसा हो रहा है कि ब्राह्मण बच्चों को भी निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन ने इस घटना के बाद किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे यह साबित होता है कि सरकार अब ब्राह्मणों के खिलाफ नजरिया रखती है।

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