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अपेक्स नर्सिंग की छात्राएं फिर से आंदोलित, कॉलेज में बैठीं अनशन पर

कॉ़लेज प्रशासन को बता रहीं फ्रॉड।

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Ajay Chaturvedi

Jul 05, 2017

APEX college of nursing students

APEX college of nursing students

वाराणसी.
तीन महीने से हक की लड़ाई लड़ रहीं अपेक्स नर्सिंग कॉलेज की छात्रों ने फिर से आंदोलन छेड़ दिया है। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर फ्रॉड होने का आरोप लगाया है। छात्र-छात्राएं कॉलेज में अनशन पर बैठ गए हैं। बता दें कि ये विद्यार्थी तीन महीने से आंदोलनरत हैं।



नर्सिंग कॉलेज की छात्रा शीबा ने पांच जुलाई को पत्रिका को बताया कि उन्होंने कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। मेरे अलावा साधना, निशा, पाकीजा बानों, ममता कुमारी, पूजा राय, श्रुति केशरी, काशी नाथ, शर्वेंद्र आदि कॉलेज परिसर में अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि हम लोगों ने कॉलेज प्रशासन की कलई खोलने और कॉलेज की हकीकत जानने के लिए इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी), स्टेट मेडिकल काउंसिल, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज और अपेक्स नर्सिंग कॉलेज में आरटीआई दाखिल किया था। आईएनसी से आरटीआई का जवाब आ गया है। आईएनसी ने बताया है कि इस कॉलेज को अपनी सूची से बाहर कर दिया है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को नर्सिंग कॉलेज की संबद्धता देने का अधिकार ही नहीं है। ऐसे में हम लोगों ने गुरुवार पांच जुलाई से यह आंदोलन शुरू किया है।



देखें वीडियो-


बता दें कि इन विद्यार्थियों की लड़ाई सात अप्रैल 2017 को शुरु हुई थी। इसके बाद इन्होंने जिलाधिकारी से लेकर पीएम के संसदीय दफ्तर के चक्कर लगाए लेकिन इंसाफ नही मिला। पीएम को खून से लिखा पत्र भेजा फिर लखनऊ जाकर सीएम दफ्तर पर धरना दिए जिसके बाद जिला प्रशासन को कॉलेज प्रबंधन को जांच का आदेश दिया गया। लेकिन जिला प्रशासन ने कॉलेज प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी। फिर भी इंसाफ की लड़ाई जारी रही। उसके बाद फिर सीएम दफ्तर जाकर सीएम का काफिला रोका। हालांकि ये जब पहली बार सीएम से मिलने लखनऊ गईं तो उनकी मुलाकात सीएम से नहीं हो पाई मगर सीएम के सचिव ने कमिश्नर वाराणसी को मामले की जांच सौंपी। स्थानीय स्तर पर एडीएम सिटी ने मामले की जांच की। इस दौरान कॉलेज प्रशासन और महात्मागांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन से सारे दस्तावेज दिखाने को कहा। सारी कार्रवाई करने के बाद कमिश्नर ने अपेक्स नर्सिंग कॉलेज प्रशासन को क्लीन चिट दे दी।

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इस खबर को पत्रिका ने चलाया था जिसमें बताया था कि प्रशासन ने मामले को सलटा लेने का दावा किया है। लेकिन छात्राओं ने हार न मानी दोबारा लखनऊ गईं और सीएम योगी आदित्य नाथ से मिलीं। सीएम ने न्याय का भरोसा दिलाया। फिर लखनऊ में सीएम के सचिव ने अपेक्स प्रशासन, विद्यापीठ प्रशासन को सारे दस्तावेज के साथ तलब किया था। लेकिन दोनों ही शिक्षण संस्थान वाजिब दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद सचिव ने छात्राओं को लीगल एक्शन का आश्वासन दिया।

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लखनऊ से लौटी छात्राएं 13 मई को पहले डीएम से मिलीं फिर लंका थाने में अपेक्स प्रशासन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने को तहरीर दी। डीएम के पत्र के आधार पर एसओ लंका के अपेक्स के निदेशक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। इस बीच छात्राओं ने कहा कि हमे अभी भी न्याय नही मिला है। कॉलेज प्रबंधन ने उनका समय तो बर्बाद किया ही साथ ही पैसे भी ऐंठे है। न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।


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लखनऊ में हुई जांच में सीएम योगी आदित्य नाथ के सचिव ने उनका फर्जीवाड़ा पकड़ ही लिया। साथ ही छात्राओं को लीगल एक्शन का भरोसा दिलाया। सीएम के सचिव के यहां हुई बैठक के बाद लौटीं छात्राओं ने डीएम योगेश्वर राम मिश्र से मिलकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। डीएम ने अपेक्स नर्सिंग कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।



इतना ही नहीं कॉलेज की छात्रा ममता कुमारी ने कॉलेज प्रशासन को 40 दिन से बंधक बनाने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं ममता ने पत्रिका को 17 मई को पत्र भेज कर बताया था कि उसके माता पिता और उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इस मामले में भी अपेक्श के निदेशक के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। लेकिन दोनों ही मामलों में अभी तक विवेचना ही चल रही है।




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