वाराणसी. बास्केटबॉल में दुनिया भर में अपना लोहा मनवानने के बाद हाल ही में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित होने के बाद काशी की बेटी प्रशांति सिंह शुक्रवार को पहली बार पहुंची काशी। काशी की धरती पर पहुंचते ही काशीवासियों ने उनका जोरदार खैरमकदम किया। लालबहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लोगों ने उन्हें माला फूल से लाद दिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने खेल फडरेशन को नसीहत भी दी। बताया कि क्रिकेट की तुलना में अन्य खेल पीछे क्यों हैं।
राष्ट्रीय खेल हॉकी और अन्य खेलों की लोकप्रियता में क्रिकेट की तुलना में लगातार हो रही कमी के मुद्दे पर प्रशांति ने कहा कि जो ऑर्गनाइजेशन जितना अच्छा काम करेगा उसकी लोकप्रियता बढ़ेगी। क्रिकेट बोर्ड खुद अपनी ब्रांडिंग करता है। क्रिकेट के लिए मनी जनरेट करता है। कभी किसी ने सुना है कि बीसीसीआई ने सरकार से कोई अपेक्षा जताई हो। ऐसे में भला उसकी लोकप्रियता में वृद्धि क्यों न हो। अन्य खेल फडरेशन को बीसीसीआी से सीख लेनी चाहिए। हर वक्त सरकार के कोसने या उनके भरोसे रहने से खेलों का भला नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि आजकल पूरा खेल जगत पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशीप) मॉडल पर आधारित है, अपने देश में भी अन्य खेलों के लिए उसे आत्मसात करने की जरूरत है।
वाराणसी में खेल सुविधाओं की कमी के सवाल पर प्रशांति ने कहा कि सुविधाएं हर वक्त कम ही लगती हैं। इन प्रतिकूल परिस्थितियों में इंसान को अपना रास्ता खुद बनाना पड़ता है। हां! यह जरुर है कि कंपटीशन के दौर में सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्टर नहीं रहेगा तो खिलाडी का आगे बढ़ना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि मैने भी अपने खेल का अभ्यास यूपी कॉलेज के मैदान से ही शुरु किया था। कॉलेज के खेल मैदान के अनुशासन से ही मैं आगे बढ़ सकी। आज जिस मुकाम पर हूं वह बनारस की देन है। उन्होंने बनारस में बास्केटबाल खिलाडियों के लिए है कि मैं सरकार से मांग करती हूं कि कम से कम एक इंडोर कोर्ट होना चाहिए जिसमें प्राथमिक अभ्यास की सारी सुविधाएं हों ताकि उभरते खिलाडियों को अभ्यास करने में सहूलियत हो। उन्हें भटकना न पड़े। प्रशांति ने कहा कि आने वाले दिनों में बनारस के खिलाडियों को ऊंचाई प्रदान करने के लिए वक्त देना चाहती हूं। मौका मिला तो स्पोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन में भी काम करूंगी।