12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

रावण को बताया भगवान विष्णु का द्वारपाल और कर डाली PhD, मिली डिग्री

दीक्षांत समारोह में मिली डिग्री, कहा रावण बिना रामायण की नहीं हो सकती है कल्पना

2 min read
Google source verification
Phd student Ashish Tiwari

Phd student Ashish Tiwari

वाराणसी. सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पुराणेतिहास विभाग के छात्र आशीष कुमार तिवारी ने रावण का सकारात्मक पहलू दिखाने के लिए शोध ही कर डाला। शुक्रवार को परिसर में आयोजित 36 वें दीक्षांत समारोह में आशीष को डिग्री भी दी गयी। मीडिया से बात करते हुए आशीष ने कहा कि भगवान विष्णु का द्वारपाल जय ही शाप के कारण रावण बन गया था जिसको मुक्ति दिलाने के लिए स्वंय भगवान विष्णु को आना पड़ा।
यह भी पढ़े:-दीक्षांत समारोह में प्रतिभा का हुआ सम्मान, मेधावियों ने पदक पाकर सपने किये साकार

आशीष कुमार तिवारी ने कहा कि रावण का पुतला जलाया जाता है मैं हमेशा सोचता था कि रावण का पुतला क्यों जलाया जाता है। इसके बाद रावण को लेकर उत्सुकता हुई। रावण को जानने के लिए विविध रामयाणों में उसके चरित्र को पढ़ा। हिन्दी, संस्कृत, साउथ इंडियन, गुजराती, बंगाली, मराठी रामायण पड़ा तो रावण का एक सकारात्मक पक्ष समझ आया। आशीष कुमार तिवारी ने कहा कि हर सिक्के का दो पहलू होता है। एक पहलू नकारात्मक तो दूसरा सकारात्मक होता है। रामावतार का मुख्य सेतु रावण है। यदि रामायण से रावण को निकाल दिया जाये तो उसमे बचता क्या है आप ऐसे रामायण की रचना नहीं कर सकते हैं, जिसमे रावण न हो। रामायण का आधार स्तंभ रावण है। वाल्मिकी रमायाण का दक्षदांत संस्करण का अध्ययन करने के बाद रावण से जुड़ी कई चीजे सामने आयी। रामायण की धुरी राम व रावण है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु का द्वारपाल जय को शाप मिला था जिसके चलते वह रावण बन गया था। भगवान विष्णु ही रावण को मुक्ति दिलाने के लिए अवतार लेकर आये। आशीष कुमार तिवारी का कहना है कि बेटा जब गलत काम करता है तो माता-पिता का कत्र्तव्य होता है कि उसे सुधारे। काफी अध्ययन करने के बाद मुझे लगा कि रावण के सकारात्मक पक्ष को सामने लाना चाहिए था इसलिए रावण पर ही शोध कर डाला।
यह भी पढ़े:-पटेलों का गढ़ वाली सीट की कहानी, जब फूलन देवी के बाद कोई नेता दोबारा नहीं जीत सका चुनाव

दीक्षांत समारोह में शोध छात्र को मिली उपाधि
संस्कृत विश्वविद्यालय के 36 वें दीक्षांत समारोह में आशीष कुमार तिवारी को बकायदे डिग्री भी मिली है। समारोह में कुल 18 शोध छात्रों को डिग्री मिली है जिसमे आशीष कुमार तिवारी भी शामिल है। आशीष के शोध विषय रावण चरित्रम को लेकर सबसे अधिक चर्चा होती रही।
यह भी पढ़े:-ग्रहों ने बदली चाल, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर ज्योतिषाचार्य की बड़ी भविष्यवाणी, मचेगा हड़कंप