
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी पर किया कटाक्ष, PC- Patrika
वाराणसी : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इस समय चर्चा में बने हुए हैं। उन्होंने आज खास बातचीत में बताया कि उन्होंने वासुदेवानंद सरस्वती पर केस क्यों दर्ज करवाया था। उन्होंने कहा कि वासुदेवानंद सरस्वती पर केस कराने का हमारा मकसद उन्हें खुद को शंकराचार्य कहने से रोकना था।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि जब हमसे पूछा गया कि हम ऐसा क्यों करना चाहते हैं, तो हमने शास्त्रों का हवाला दिया। शास्त्रों में लिखा है कि संन्यासी बनने के बाद व्यक्ति न तो नौकरी कर सकता है और न ही वेतन ले सकता है। निचली अदालत ने इस मामले की जांच की और फिर अपील कोर्ट और हाईकोर्ट ने कहा कि हां ये संन्यासी नहीं हो सकते।
उन्होंने आगे बताया कि वे सुप्रीम कोर्ट गए थे, लेकिन वहां से कोई रिलीफ नहीं मिली थी। उन्होंने जोर देते हुए कहा, 'हमारे धर्म शास्त्रों में तो लिखा है कि कोई भी संन्यासी व्यक्ति नौकरी या फिर वेतन भोगी नहीं हो सकते हैं।'
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'इसी तरह से आदित्यनाथ योगी भी अपने आपको संन्यासी कहते हैं और भगवा रंग के कपड़े पहनते हैं। ये भी तो नौकरी कर रहे हैं और वेतन ले रहे हैं। अगर वे वेतन ले रहे हैं, तो संन्यासी किस बात के?'
उन्होंने आगे कहा, 'एक संन्यासी के रूप में अहिंसा व्रत का पालन पूरी तरह से करना पड़ता है और हर चीज का खास ख्याल रखना है कि कई गलती से भी चींटी भी न मर जाए। ये जो परिभाषा हिंदू धर्म की बनाई जा रही है कि गेरुआ रंग के कपड़े पहन लो और सिर मुंडवा लो और अपना नाम योगी रख लो। इससे कोई संन्यासी नहीं होता है। संन्यासी होने के लिए वैसा आचरण भी होना चाहिए।'
(Input-IANS)
Published on:
24 Feb 2026 07:18 pm
