वाराणसी. आगामी लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने वाराणसी के विकास मॉडल को मुद्दा बनाने की रणनीति तय की है। ऐसा माना जा रहा है कि जिस तरह से 2014 के चुनाव में बीजेपी ने देश भर में गुजरात मॉडल को पेश किया था ठीक उसी तर्ज पर समाजवादी पार्टी इस चुनाव में वाराणसी मॉडल को पेश करेगी। कारण साफ है तब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और अब वह वाराणसी के सांसद हैं। पार्टी की सोच है कि तब बीजेपी ने देश भर के मतदाताओं को गुमराह किया। लेकिन वो काशी के साढ़े चार साल के विकास की तस्वीर रख कर जनता को बीजेपी के विकास का सच सबके सामने लाएंगे। पार्टी पूर्व सीएम अखिलेश यादव बनाम पीएम नरेंद्र मोदी को भी चुनावी मुद्दा बना कर लोकसभा चुनाव में उतरने की रणनीति पर काम कर रही है।
जुटने लगा सपा के सम्मेलनों में हुजूम
वैसे यूपी विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद से समाजवादी पार्टी ने खुद को नए सिरे से खड़ा जरूर कर लिया है। ऐसा राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है। विश्लेषक मानते हैं कि जिस तरह से नगर निकाय चुनाव में सपा की मेयर प्रत्याशी ने एक लाख के करीब वोट हासिल कर अपनी मजबूती का एहसास कराया था। उसके बाद से सपा ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा है। चाहे जिला हो या नगर दोनों ही संगठनों ने एकजुटता के साथ जिस तरह से पिछले साल भर के दौरान पार्टी को खड़ा किया है उसका असर अब सतह पर दिखने लगा है।
आम जन से सीधा सरोकार
आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर जहां बीजेपी पूरे दमखम के साथ तैयारी में जुटी है वहीं सपा भी उससे पीछे नहीं है। सपा के विधानसभा स्तरीय सम्मलेनों से यह साफ नजर आने लगा है कि पार्टी ने कार्यकर्ताओं में जोश, जज्बा और जुनून भर दिया है। गांव हो या शहर सपा के सम्मेलनों में आम आदमी का जुटाव कुछ अलग ही तस्वीर पेश करता नजर आने लगा है। वैसे भी बहुत पहले ही पार्टी नेतृत्व ने बूथ इकाइयों का गठन कर मतदाता सूची में लोगों के नाम जुड़वाने का जो फार्मूला दिया था उस पर अमल करते हुए पार्टी लोगों के साथ सीधा संपर्क साधने में काफी हद तक कामयाबी हासिल करने में जुटी है।
01 बूथ 10 यूथ के फार्मूले पर चल रहा काम
अभी हाल ही में जिस तरह से शिवपुर विधानसभा सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने हुंकार भरी थी, ठीक उसी प्रकार अब शहरों में दिखने लगा है। अब शहर उत्तरी विधानसभा सम्मेलन की ही बात करें तो सोना तालाब स्थित गणेश उद्यान पूरी तरह से खचाखच भरा नजर आया। इस सम्मेलन में पार्टी के कार्यकर्ता तो थे ही आमजनों की सहभागिता भी नजर आई। उपस्थित जनसमूह को देख समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने कहा कि जिस प्रकार से समाजवादी पार्टी के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में हज़ारों की संख्या में पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हर बूथ से पहुंचे हैं, निश्चित रूप से यह भविष्य में होने वाले लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और प्रत्याशियों के पक्ष में ऐतिहासिक जीत की सुगबुगाहट है। सम्मेलन के मुख्य अतिथि चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ होती है, जब एक बूथ-10 यूथ के नारे को हकीकत में बदल देंगे तो तस्वीर खुद ब खुद बदल जाएगी।
अखिलेश बनाम मोदी का विकास होगा नारा
वहीं प्रदेश प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने 2012-17 के मुख्यमंत्रित्व काल में जितना भी कार्य समाज के प्रत्येक वर्गों के लिए किया केंद्र सरकार साढे चार साल और प्रदेश की ढेड़ साल की सरकार नहीं कर पाई है। मनोज की बातों को आगे बढ़ाते हुए मोहम्मद इस्तकबाल कुरैशी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात मॉडल को दिखा कर 2014 में बनारस सहित पूरे प्रदेश व देश को गुमराह कर जीत हासिल की। लेकिन अब अगले चुनाव में समाजवादी पार्टी के लोग देश की जनता को बनारस की दुर्दशा को दिखाकर उनका असली दागदार चेहरा दिखाने काम करेंगे। कार्यक्रम के प्रभारी डॉक्टर ओपी सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी किसानों, मजदूरों, नौजवानों, व्यापारियों, वकीलों, अल्पसंख्यकों एवं समाज के अंतिम व्यक्ति की पार्टी है, जबकि भाजपा आम लोगों की न होकर कुछ खास लोगों की ही पार्टी रह गयी है।
सम्मेलन में ये थे मौजूद
सम्मेलन में चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, प्रदीप जायसवाल, राजू यादव, जियालाल राजभर, दूधनाथ राजभर, अब्दुल्लाह अंसारी, शमीम अंसारी, पुत्तुल यादव, पूजा यादव ,अजयप्रकाश राजू, दीपक यादव लालन, इरशाद अहमद, विवेक यादव, पूजा सिंह, मीरा सेठ, मानसिंह राजभर, दीप चंद गुप्ता , डॉ रमेश राजभर ,उमाशंकर सिंह यादव आनंद मोहन गुड्डू यादव, विवेक यादव, खुशबुद्दीन अहमद, विज्जू विश्वकर्मा, अजय सोनकर, मोहम्मद असलम, पंडित राजेंद्र त्रिवेदी, डॉ आनंद प्रकाश तिवारी, प्रशांत सिंह पिंकू, राजेश पासी, अयूब अंसारी, फ़िरोज अहमद वकील, सुरेश यादव, बृजेश यादव, गोविंद यादव, अरशद खान विक्की, अभिषेक विश्वकर्मा, विष्णु शर्मा आदि उपस्थित रहें।
