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Exclusive-सपा का ड्रैमेज कंट्रोल, बलराम के बेटे संग्राम को बनाएगी मंत्री

जानिये और कौन-कौन हो शामिल हो सकता है अखिलेश की कैबिनेट में...

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Ajay Chaturvedi

Jun 24, 2016

Balram Singh Yadav , Sangram Singh

Balram Singh Yadav , Sangram Singh

डॉ. अजय कृष्ण चतुर्वेदी

वाराणसी.
कौएद प्रकरण के बाद समाजवादी पार्टी में आए भूचाल के पार्टी ड्रैमेज कंट्रोल में जुट गई है। सीएम अखिलेश की टीम के विस्तार में ऐसे चेहरों को शामिल करने की कवायद शुरू हो गई जो अभी तक हाशिये पर थे। लेकिन कहीं न कहीं से या तौ सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह के करीबी हैं या सीएम अखिलेश के चहेते। ड्रैमेज कंट्रोल के तहत ही मुलायम और अखिलेश में इस बात पर लगभग सहमति बन गई है कि तीन दिन पहले अखिलेश ने पार्टी के जिस कद्दावर नेता को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया था अब उनके बेटे डॉ. संग्राम सिंह यादव को कैबिनेट में जगह दी जाए। माना जा रहा है कि इससे जहां बलराम यादव के अहं को पहुंची ठेस पर कुछ हद तक मरहम लगेगा तो मुलायम के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में भी अच्छा संदेश जाएगा। यह विधानसभा चुनाव की दृष्टि से लाभ की स्थिति में होगा। केवल संग्राम ही नहीं करीब आधा दर्जन लोगों के नाम चर्चा में शुमार हैं जिन्हें शनिवार को होने वाली संसदीय बोर्ड की बैठक में कैबिनेट विस्तार का हिस्सा बनाए जाने पर मुहर लग सकती है। सबसे बड़ी बात कि इनमें ज्यादातर युवा चेहरे हैं।


कौएद प्रकरण ने पार्टी में मचाई है हलचल
बता दें कि अपनी मिस्टर क्लीन की छवि को कायम रखने के लिए ही सीएम अखिलेश ने पार्टी सुप्रीमों मुलायम सिंह के करीबी माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम सिंह यादव को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था। बताया जाता है कि बलराम ने सबसे पहले सीएम से कौएद के विलय की चर्चा की थी तभी उन्होंने साफ तौर पर इंकार कर दिया था। बावजूद इसके बलराम सिंह यादव मुलायम सिहं से मिले जहां से उन्हें शिवपाल के पास भेजा गया। शिवपाल ने बलराम ही नहीं बल्कि बलिया, गाजीपुर, मऊ यानी 80 किलोमीटर के दायरे में लगभग आठ सीटों पर होने वाले लाभ के मद्देनजर कौएद का विलय करा दिया। उस वक्त सीएम मथुरा के जवाहरबाग प्रकरण में मारे गए जौनपुर के जाबांज सिपाही के घर जौनपुर गए हुए थे। लेकिन कौएद के विलय की जानकारी मिलते ही उन्होंने बलराम सिंह यादव को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की घोषणा कर दी। इस घटना ने पार्टी को पूरी तरह से हिला दिया। यहां तक कि खुद मुलायम को भी इसका अंदाजा नहीं था कि अखिलेश इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं। इस भूचाल के बाद ही मुलायम ने 25 जून को पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक बुलायी। ताकि कौएद और बलराम प्रकरण से संकट में आई पार्टी को ऊबारा जा सके। हालांकि पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि अखिलेश अभी भी कौएद विलय को पचा नहीं पा रहे हैं।


इन नए चेहरों को मिल सकती है कैबिनेट में जगह
पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो 25 जून को आयोजित संसदीय बोर्ड की बैठक में आजमगढ़ से बलराम सिंह यादव के बेटे डॉ.संग्राम सिंह यादव के अलावा वरिष्ठ नेता और बलिया से जुड़े नारद राय, शारदा प्रसाद शुक्ल, सरोजनी अग्रवाल, शाकिर अली के अलावा सीतापुर से आनंद भदौरिया और उन्नाव से सुनील साजन को कैबिनेट विस्तार का हिस्सा बनाने पर मुहर लग सकती है। सूत्र बताते हैं कि कैबिनेट विस्तार के माध्यम से पूर्वांचल के अलावा लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों को चुनावी गणित के हिसाब से बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। दूसरे इसमें शामिल दो नाम आनंद भदौरिया और सुनील साजन अखिलेश की टीम के भरोसेमंद लोग हैं।


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