
Durga Puja 2023
वाराणसी। चेतसिंह किला घाट पर स्थित काशी दुर्गोत्सव समिति में मंगलवार को माता की विदाई के पहले सिंदूर खेला का आयोजन किया गया। बंगाली समाज के इस पूजा पंडाल पर बंगाली समुदाय की सुहागिनों ने माता को चढ़ाए गए सिंदूर से जमकर होली खेली। मान्यता है कि माता की विदाई दशमी के दिन कैलाश पर्वत के लिए हो जाती है ऐसे में खुशी में यह आयोजन किया जाता है। इस वर्ष इस दुर्गोत्सव समिति ने कोलकाता की सुप्रसिद्ध कुम्हार टोली से प्रतिमा मंगाई थी। कुम्हार टोली से पूरे विश्व में दुर्गा प्रतिमाओं को भेजा जाता है।
सिंदूर खेला कर मां को दी अद्भुत विदाई
पूजा पंडाल में सिंदूर खेला के बाद सिकता दास गुप्ता ने बताया कि मै इस समिति से बचपन से जुड़ी हुई हूं। इस समिति की शुरुआत 1960 में हुई थी। इस वर्ष पहली बार बनारस में किसी दुर्गापूजा पंडाल में कोलकाता के कुम्हार टोली से मंगाई गई है। आज हम सभी दुखी भी हैं और खुश भी हैं कि मां आज कैलाश पर जा रही हैं। ऐसे में हम सभी खुशी में सिंदूर खलते हैं। इसमें सभी सुहागिने शामिल होती हैं और इसे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद माना जाता है।
गाजे-बाजे के साथ निकली शोभा यात्रा
माता के सामने महिलाओं (सुहागिनों) ने जमकर सिन्दूर की होली खेली और जमकर सिंदूर उड़ाया। इसके बाद शाम में माता की विसर्जन शोभायत्रा शुरू हुई और माता का विसर्जन शंकुलधारा पोखरे पर किया गया।
Updated on:
24 Oct 2023 10:19 pm
Published on:
24 Oct 2023 10:13 pm
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