
भोजपुरी फिल्मों एक्ट्रेस मनीषा रॅाय की सड़क हादसे में मौत, शूटिंग के निकली थी घर से
वाराणसी. भोजपुरी फिल्म कोहबर में अपने अभिनय को लोहा मनवाने वाली नायिका मनीषा राय की सड़क हादसे में मौत हो गई। ये हादसा बलिया जिले के मनियर थाना क्षेत्र छितौनी गांव के पास हुआ। बतादें कि मनीषा एक भोजपुरी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में सहयोगी संजीव मिश्र के साथ बाइक पर सवार होकर मनियर जा रही थी। बलिया की ओर जा रही कार ने सामने से बाइक को टक्कर मार दी। इसमें अभिनेत्री की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कार चालक कार लेकर मौके से फरार हो गया।
जैसे ही ये खबर लोगों को लगी पूरे भोजपुरी जगत शोक की लहर दौड़ पड़ी। महज 23 वर्ष की इस कलाकार ने भोजपुरी सिनेमा में अश्लीलता का बड़ा विरोध किया था। साथ ही भोजपुरी फिल्मों मे इस दौर को बदलने के लिए मनीषा और उनकी टीम बहुत बड़ा संघर्ष कर रही थी।
बतादें कि पिछले साल सितंबर महीने में उनकी भोजपुरी शॉर्ट फिल्म 'कोहबर' रिलीज हुई थी। इस फिल्म में मनीषा राय के किरदार को खूब सराहा गया था। ये फिल्म गांव की जिंदगी पर आधारित शादी के बाद परिवार चलाने के लिए लड़की की भूमिका पर आधारित थी।
पहले बनाती थी टीम के लिए खाना फिर करती थी शूटिंग
अपनी भोजपुरी में बदलाव के लिए मनीषा ने जो संघर्ष किया था उसे भोजपुरी जगत में हमेशा याद किय़ा जाता था। नायिका मनीषा राय और उनकी युवाओं की टीम समाज की सच्चाईयों का पर्दे पर लाने के हर जिम्मेदारियों को उठाने के लिए तैयार रहते थे। मनीषा और उनकी टीम के पास इतने पैसे नहीं होते थे कि शूटिंग में लाइट और कैमरा के पैसे दे सके।
फिर भी ये टीम जोश से भरी थी। कुछ कर गुजरने का जज्बा और इनके हौसले से भोजपुरी जगत प्रेरित हो रहा था। मनीषा की टीम के पास इतने पैसे नहीं होते थे कि लोगों के रहने और खाने का इंतजाम हो सके। बताया जाता है कि जब फिल्मों की शूटिंग होती थी तो मनीषा पहले टीम के लिए भोजन खुद पकाती थी। पूरी टीम को खाना बनाकर खिलाती थी उसके बाद शूटिंग स्पाट जाती थी। लेकिन इस होनहार कलाकार का भोजपुरी में बदलाव का सपना पूरा न हो सका। कहा जाता है कि मनीषा ने 150 से अधिक शार्ट फिल्मों में काम किया था। मजह 23 साल में ही मनीषा राय इस दुनियां को अलविदा कह दिया।
अपनी भोजपुरी में बदलाव के लिए मनीषा ने जो संघर्ष किया था उसे भोजपुरी जगत में हमेशा याद किय़ा जाता था। नायिका मनीषा राय और उनकी युवाओं की टीम समाज की सच्चाईयों का पर्दे पर लाने के हर जिम्मेदारियों को उठाने के लिए तैयार रहते थे। मनीषा और उनकी टीम के पास इतने पैसे नहीं होते थे कि शूटिंग में लाइट और कैमरा के पैसे दे सके।
फिर भी ये टीम जोश से भरी थी। कुछ कर गुजरने का जज्बा और इनके हौसले से भोजपुरी जगत प्रेरित हो रहा था। मनीषा की टीम के पास इतने पैसे नहीं होते थे कि लोगों के रहने और खाने का इंतजाम हो सके। बताया जाता है कि जब फिल्मों की शूटिंग होती थी तो मनीषा पहले टीम के लिए भोजन खुद पकाती थी। पूरी टीम को खाना बनाकर खिलाती थी उसके बाद शूटिंग स्पाट जाती थी। लेकिन इस होनहार कलाकार का भोजपुरी में बदलाव का सपना पूरा न हो सका। कहा जाता है कि मनीषा ने 150 से अधिक शार्ट फिल्मों में काम किया था। मजह 23 साल में ही मनीषा राय इस दुनियां को अलविदा कह दिया।
Published on:
19 May 2018 05:00 pm

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