
BHU hospital medical superintendent resigned
वाराणसी. बीएचयू के सुंदरलाल अस्पताल स्थित कोरोना वार्ड (Corona Ward) में कोरोना संक्रमितों के इलाज संबंधित अव्यवस्था के बीच गुरुवार शाम प्रो. एसके माथुर ने चिकित्सा अधीक्षक (MS) पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके स्थान पर मेडिसिन विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान के प्रो. केके गुप्ता को एमएस बनाया गया है। अगले आदेश तक वे इस पद पर बने रहेंगे। लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमित (Corona Virus) मरीजों को लेकर शिकायतों और लापरवाही के आरोपों के अलावा जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने भी बीएचयू में हो रही लापरवाहियों पर शासन को तीन दिन पहले ही पत्र लिखा था। इन्ही सभी वजहों को प्रो एसके माथुर के इस्तीफे की वजह मानी जा रही है। प्रोफेसर गुप्ता 2016 से पहले भी इस पद पर रह चुके हैं। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक कोरोना वार्ड से जुड़ी अव्यवस्था की शिकायतें पहुंच रही थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बीएचयू प्रशासन से इस बाबत वर्चुअल बैठक कर हालात सुधारने के निर्देश दिए थे तो वहीं इस्तीफे से कुछ घंटे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी फोन कर मामले पर फीडबैक किया था। फिलहाल चर्चाओं के इतर अब प्रोफेसर एसके माथुर ने इस्तीफा दे दिया है। शताब्दी सुपर स्पेशलिटी कंपलेक्स में बनाए गए कोरोना वार्ड में हर रोज दिक्कतों की शिकायतें आ रही थी। वाराणसी के डीएम कौशलराज शर्मा ने भी इसको लेकर पत्र लिखा था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तक भी पत्र लिखे गए थे। एक दिन पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन की बैठक हुई थी ऐसे में इन तमाम सारी घटनाओं को प्रोफेसर एसके माथुर के इस्तीफे से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रोफेसर केके गुप्ता ने संभाला एमएस का चार्ज
पहले भी बीएचयू में अंतर्विरोध और अन्य आरोपों के कारण कई चिकित्सा अधीक्षकों को पद छोड़ना पड़ा था। प्रोफेसर गुप्ता और प्रोफेसर माथुर में बहस भी हुई थी हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ऐसी किसी भी बात से इनकार किया गया। फिलहाल जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रोफेसर केके गुप्ता ने कहा कि कोरोना काल में मरीजों को ठीक से इलाज दे सकें यही उनकी जिम्मेदारी है, उनकी कोशिश रहेगी कि उनको जो जिम्मेदारी मिली है उसका वह बखूबी निर्वहन कर सकें।
Published on:
07 May 2021 01:18 pm

बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
