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BHU के इस छात्र ने कर दिया कमाल, दुनिया भर में हो गया नाम

किसान के बेटे ने गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज कराया अपना नाम।

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हरिओम

हरिओम

वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र ने ऐसा कमाल कर दिखाया कि उसे दुनिया भर के लोग जानने लगेंगे। उसने अपने हुनर का लोहा मनवाया है। अपनी हॉबी को उस मुकाम तक पहुंचाया जहां बहुत कम लोग पहुंच पाते हैं। ये है छात्र की लगन का नतीजा। सबसे अच्छी और बड़ी बात कि वह एक किसान का बेटा है। ग्रामीण परिवेश में पला-बढ़ा है। उसकी इस उपलब्द्धि पर माता-पिता को खुशी से फूले नहीं समा रहे। साथियों का भी लाड़ला बन गया है।

कनाडा के रोनाल्ड फ्रांसिस का रिकार्ड तोड़ा है किसान बेेटे ने
गाजीपुर के देवकली निवासी किसान रमेश सिंह का बेटा हरिओम इस वक्त बीएचयू से बीए कर रहा है। उसके अंदर कैरिकेचर बनाने की लगन छुटपन से ही रही। हरिओम ने वाराणसी के राजकीय क्‍वींस इंटर कॉलेज में 08 से 11 नवंबर 2017 तक लगातार 77 घंटे में 712 कैरिकेचर बनाते हुए कनाडा के रोनल्‍ड फ्रांसिस का रिकॉर्ड तोड़ा था। रोनाल्‍ड ने 61 घंटे 55 मिनट तक कैरिकेचन बनाकर गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराया था। हरिओम की ओर से भेजे गए प्रमाण के आधार पर अब उसका नाम गिनीज बुक में दर्ज किया गया है।

लगातार 77 घंटे एक मिनट 16 सेकेंड में बनाया कैरिकेचर
पोर्ट्रेट-कैरिकेचर आर्टिस्‍ट हरिओम का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। हरिओम ने लगातार 77 घंटे एक मिनट और 16 सेकेंड तक कैरिकेचर बनाते हुए यह उपलब्द्धि हासिल की है। गिनीज बुक की ओर से फिलहाल प्रमाण पत्र ई-मेल से भेजा गया है। जल्‍द ही इसकी मूल प्रति हरिओम के हाथों में होगी।

14 वर्ष की आयु में लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज कराया था नाम
इससे पहले हरिओम ने 14 वर्ष की आयु में 24 घंटे में 261 पोर्ट्रेट बनाकर लिम्‍का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया था। उसे स्‍पॉट पेंटिंग में राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार भी मिल चुका है। उस समय वह नवोदय विद्यालय गाजीपुर का छात्र रहा। अब वह बीएचयू में बीए प्रथम वर्ष का छात्र है।