मुख्तार अंसारी का बेहद खास करीबी है भाई मेराज। मुन्ना बजरंगी के गिरोज से भी जुड़ा था मेराज का नाम।
वाराणसी. बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेहद खास और उनके अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य बनारस के मेराज अहमद खान उर्फ भाई मेराज की तलाश में लखनऊ पुलिस की तर्ज पर वाराणसी की पुलिस ने भी अलग-अलग टीमें बनाकर उसके 20 करीबियों के घर एक साथ छापेमारी की। पुलिस की इस तरह से ताबड़तोड़ दबिश से मेराज के करीबियों में हड़कम्प मचा रहा। बनारस ही नहीं गाजीपुर, आजमगढ़, इलाहाबाद व लखनऊ के लिये भी टीमें रवाना की गईं। वाराणसी के पहड़िया क्षेत्र की अशोक विहार कालोनी निवासी मेराज मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है। मेराज मुख्तार अंसारी के साथ ही बागपत जेल में मारे गए खूंखार माफिया और शूटर मुन्ना बजरंगी गिरोह का सदस्य और वाराणसी के जैतपुरा थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। बीते पांच सितंबर को पिस्टल का लाइसेंस फर्जी तरीके से रिन्यूअल कराने के आरोप में उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की कवायद तेज कर दी है। मेराज के करीबियों के लाइसेंस भी निरस्त कर उनके शस्त्र जमा कराने पर काम चल रहा है।
उधर मऊ में भी मुख्तार अंसारी के करीबियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। मुख्तार गिरोह के नजदीकी व मन्ना सिंह हत्याकांड में नामजद हिस्ट्रीशीटर पूर्व सभासद रजनीश सिंह की 39 लाख रुपये कीमत की सम्पत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त कर ली गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि मऊ में अब तक मुख्तार के करीबी, गिरोह के सहयोगियों की 21 करोड़ 4 लाख की सम्पत्ति जब्त की जा चुकी है। उधर मऊ में मुख्तार अंसारी गिरोह के चार सहयोगियों कोागंज थाना क्षेत्र निवासी केफायतुल्ला, प्रशांत राय, दिव्यांशु राय व मछली माफिया पारसनाथ सोनकर के साथ ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त दक्षिणटोला के फैजान, भरौली के अरविंद कुमार सिंह, कोपागंज के अखिलेश सोनकर, राजेश सोनकर व कमलेश सोनकर, मुहम्मदबाद के जावेद व इम्तियाज इसी थानाक्षेत्र के उदयभान यादव की हिस्ट्रीशीट खोली गई।