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बीजेपी की हार की डर से सीएम योगी बना सकते हैं इस चुनाव से दूरी!

लोकसभा के पहले मिलेगी हार तो होगा नुकसान, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 9 Aug 2018, 4:37 PM IST

CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath

वाराणसी. बीजेपी की हार की डर से सीएम योगी आदित्यनाथ इस चुनाव से दूरी बना सकते हैं। यूपी में चुनाव कराने के बाद हार मिलेगी तो भारतीय जनता पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके चलते अब चुनाव से ही दूरी बनाने की तैयारी है। यूपी सरकार ने अभी तक इस चुनाव को लेकर अधिकृत रुप से कुछ नहीं कहा है।
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यूपी में इस साल छात्रसंघ चुनाव होने की संभावना कम है। अगस्त शुरू हो चुका है और विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के सूत्रों की माने तो यूपी सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद ही छात्रसंघ चुनाव कराये जायेंगे। सरकार ने चुनाव को लेकर अभी तक कोई निर्देश नहीं जारी किया है इसलिए चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हो रही है। विश्वविद्यालयों में बीजेपी से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), सपा के समाजवादी छात्रसभा व कांग्रेस के राष्ट्रीय छात्र संगठन से ही प्रत्याशी चुनाव लड़ते हैं। पिछले साल एबीवीपी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक था जिसके चलते सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार की लोकप्रियता पर भी सवाल खड़े हो गये थे। कुछ माह बाद ही लोकसभा चुनाव होने जा रहा है। इस चुनाव से पहले छात्रसंघ चुनाव का परिणाम किसी भी दल की चुनावी तैयारी को प्रभावित कर सकता है यदि एबीवीपी को बंपर जीत मिलती है तो बीजेपी यह दावा करने में जुट जायेगी कि युवाओं में उसकी पकड़ मजबूत हुई है यदि एबीवीपी का हार मिलती है तो विरोधी इसे बीजेपी के खिलाफ अस्त्र की तरह प्रयोग करने लगेंगे। ऐसे में इस साल छात्रसंघ चुनाव होने की संभावना बेहद कम दिख रही है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने लगायी थी छात्रसंघ चुनाव पर रोक
बसपा सुप्रीमो मायावती ने छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगायी थी इसके बाद मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव की सरकार बनते ही छात्रसंघ चुनाव पर लगी रोक हटायी गयी थी। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी पिछले साल छात्रसंघ चुनाव कराया था इस बार चुनाव को लेकर संशय के बादल छा गये हैं।
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