
Yogi says no recruitment Ghotala in BJP Government, saja milegi, punis
वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय बनारस का दौरा करके लखनऊ जा चुके हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र बनारस की स्थिति सुधारने के लिए सीएम योगी ने यहां का रिकॉर्ड तोड़ दौरा किया है इसके बाद भी बसपा सुप्रीमो मायावती व अखिलेश यादव की तरह उनकी हनक नहीं दिखी। रामनगर जल परिवहन टर्मिलन देखते जाते समय सीएम योगी का वाहन गड्ढों में हिचकोले खाता रहा। बैठक में खुद सीएम योगी ने माना की योजनाओं को लेकर फर्जी रिपोर्टिंग हो रही है इसके बाद भी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई।
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रविवार को देर रात सीएम योगी आदित्यनाथ का काफिला रामगर स्थित जल परिवहन के लिए बने टर्मिनल का निरीक्षण करने के लिए निकला था। राजकीय बाल किशोर गृह से लेकर बंदरगाह के बीच की एक किलोमीटर की सड़क में गड्ढे थे जिसके चलते सीएम योगी का वाहन गड्ढों में हिचकोले खाता रहा है। जिला प्रशासन का पता था कि सीएम आने वाले हैं और इन जगहों का निरीक्षण कर सकते हैं इसके बाद भी सही तरह से सड़क नहीं बनवायी गयी। आश्चर्य की बात है कि पूर्व में भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहर का रात्रि में भ्रमण किया था इस दौरान भी उनका वाहन गड्ढों में हिचकोले खाता रहा था लेकिन आज भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
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फर्जी रिपोर्टिंग करने वालों पर भी नहीं हुई कार्रवाई
सीएम योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में शाही नाले की सफाई, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) में कनेक्शन नहीं होना आदि को लेकर हमेशा की तरह नाराजगी जतायी। कहा कि इन चीजों की फर्जी रिपोर्टिंग हो रही है। बीच बैठक में जल निगम के अधिकारियों को खड़ा भी कर दिया और कहा कि तेज से गति से काम करके योजना को पूरा कराया जाये। साथ ही दुबारा गलत रिपोर्टिंग नहीं करने की चेतावन भी दी। साफ है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद माना कि अधिकारी उन्हें योजनाओं को लेकर गलत जानकारी दे रहे हैं इसके बाद भी किसी पर कार्रवाई नहीं हुई।
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बसपा सुप्रीमो मायावती, पूर्व सीएम अखिलेश यादव की तरह नहीं दिखती हनक
बसपा सुप्रीमो मायावती की सबसे अधिक हनक अधिकारियों पर दिखती थी। बतौर मुख्यमंत्री रहते हुए जब उनके किसी जिले में निरीक्षण की जानकारी अधिकारियों को मिली थी तो सभी लोगों की नीद उड़ जाती थी। तत्कालीन सीएम मायावती गड़बड़ी मिलने पर मौके पर ही कार्रवाई करती थी। अखिलेश यादव ने सीएम रहते हुए बनारस का कम निरीक्षण किया था लेकिन जब भी आये तो उन्हें ऐसी दुव्र्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ता था जितना सीएम योगी को करना पड़ता है। यूपी के सहारे लोकसभा चुनाव 2019 में राहुल गांधी, अखिलेश यादव व मायावती के महागठबंधन को पटखनी देने का सपना देख रही बीजेपी अब बनारस में घिरने लगी है। यूपी के सीएम जब पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की ही स्थिति नहीं सुधार पा रहे हैं तो अन्य जिलों की क्या हालत होगी। पीएम नरेन्द्र मोदी ने जनवरी में बनारस में प्रवासी सम्मेलन का आयोजन किया है, जिसके लिए शहर को तैयार करना अब अधिकारियों के लिए कड़ी चुनौती है।
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Published on:
29 Oct 2018 01:33 pm
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