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गंगा सप्तमी पर काशी के घाटों पर छात्र-छात्राओं ने सामूहिक सूर्य अर्घ्यदान कर महामना मालवीय के सपनों को किया साकार

अखिल विश्व गायत्री परिवार और गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान तथा गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट व युवा प्रकोष्ठ वाराणसी के संयुक्त संयोजन में रविवार को काशी के घाटों पर महामना पंडित मदन मोहन मालवीय का अधूरा स्वप्न साकार हुआ। ये काम किया काशी के धर्मप्राण विद्यार्थियों ने। जिसमें केंद्रीय देव दीपावली महासमिति और पहल समाजोत्कर्ष समिति का रहा सहयोग। खास ये कि इसमें मुस्लिम समुदाय ने भी बढ़चढ़ कर की भागीदारी।

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गंगा सप्तमी को काशी के घाटों पर सामूहिक सूर्य अर्घ्यदान

गंगा सप्तमी को काशी के घाटों पर सामूहिक सूर्य अर्घ्यदान

वाराणसी. काशी के पावन गंगा की तट पर दस सहस्त्र युवाओं ने सामूहिक सूर्य अर्ध्य दान कर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के स्वप्न को साकार किया। दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन रविवार को 10 सहस्त्र युवा जिनमें स्कूली छात्राएं भी शामिल रहीं, प्रातः 6.30 बजे गंगा तट पर एकत्र हुए और सामूहिक सूर्य अर्ध्य दान किया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि डॉक्टर चिन्मय पांड्या ने देव पूजन किया।

गंगा सप्तमी को सूर्य को सामूहिक अर्घ्यदान युग परिवर्तन का संकेतः डॉ पांड्या

इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉक्टर चिन्मय पांड्या ने कहा कि गंगा सप्तमी मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरित होने की पावन तिथि है। इस दिन आप सभी लोगों का काशी के घाटों पर मानव शृंखला बनाकर उदित होते हुए भगवान भास्कर को अर्ध्य देना निश्चित रूप से युग परिवर्तन का संकेत है। डॉक्टर पांड्या ने कृष्णा अवतार का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी एक उंगली पर अवश्य उठा लिया था लेकिन लाठी पर गोवर्धन पर्वत को उठाने का श्रेय ग्वाल बाल को दिया। उसी तरह परम पूज्य गुरुदेव ने युग परिवर्तन की नींव तो रख दी पर काशी के पवित्र गंगा तट पर सभी से सूर्य अर्ध्य दान करा कर युग परिवर्तन का श्रेय आप सभी को दे दिया है।

युवाओं ने नव युग आगमन की पताका लहरायी

उन्होंने कहा कि परमपूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य को गायत्री महामंत्र की दीक्षा देने वाले पूज्य गुरुदेव महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी द्वारा देखे गए दस सहस्त्र युवाओं द्वारा गंगा तट पर सूर्य अर्घ्य दान के स्वप्न को काशी के सभी घाटों पर मानव श्रृंखला बनाकर पच्चीस हजार से अधिक युवाओं ने सामुहिक सूर्य अर्ध्य दान कर नव युग आगमन की पताका लहरा दिया है।

मुस्लिम समाज ने सूर्य को अर्घ्यदान कर नव युग आगमन की पताका को थामा
वो बोले कि काशी के चौसट्ठी घाट व राणा महल घाट पर मुश्लिम समाज ने सामुहिक सूर्य अर्घ्य दान में सम्मलित हो कर नव युग आगमन की पताका को मजबूती प्रदान की।

देव संस्कृति विश्विद्यालय हरिद्वार के प्रति कुलपति बने इस महा यज्ञ के साक्षी

सामुहिक सूर्य अर्ध्य दान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि काशी की प्रथम नागरिक मृदुला जायसवाल ने गौ रक्षा समिति के अध्यक्ष अजित महापात्रा का अभिनंदन एवं स्वागत किया। सामूहिक सूर्य अर्घ्य दान शुरू होने से पूर्व अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ प्रमुख एवं देव संस्कृति विश्विद्यालय हरिद्वार के प्रति कुलपति डॉ चिन्मय पांड्या जी राजघाट से बजड़े पर सवार होकर गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजनों एवं केंद्रीय देव दिपावली महासमिति के अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्र व पहल समाजोत्कर्ष समिति महामंत्री आलोक पारिख के साथ कार्यक्रम की भव्यता को देखने निकले।

घाट-हाट हुआ हर-हर महादेव का उद्घोष

केंद्रीय देव दीपावली महासमिति के अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्र ने काशी के घाटों का विस्तृत परिचय कराया और घाट प्रमुखों से मिलवाया। डॉक्टर चिन्मय पांड्या जिस जिस घाट से गुजर रहे थे उपस्थित जन हर हर महादेव के चिर परिचित नारों से उनका स्वागत किया।काशी वासियों के स्वागत से डॉक्टर चिन्मय पांड्या भाव विभोर दिखे।

सामूहिक अर्घ्यदान में समाज का हर तबका हुआ शामिल
डॉक्टर पांड्या ने चौसठी घाट एवं राणा महल घाट पर उपस्थित मुश्लिम समाज, पाण्डेय घाट पर काशी बंगीय समाज एवं राम घाट एवं मेहता घाट पर काशी गुजराती समाज से मुलाकात किया।

इन स्कूलों के विद्यार्थियों ने लिया भाग

सामुहिक सूर्य अर्घ्य दान कार्यक्रम में विद्यालयों के बच्चों ने भी भाग लिया जिसमें अम्बेडकर हर्ष बालिका इंटर कालेज, कोनिया, हर्ष इंटर कालेज विजयी पूरा, डी ए वी इंटर कालेज, हरिश्चंद्र बालिका इंटर कालेज, बल्लभ बालिका इंटर कालेज, दुर्गा चरण बालिका इंटर कालेज, भारतीय बाल विद्यालय, सरला लर्नर्स इंटर कॉलेज नीयर, जेनिथ लाइब्रेरी, ब्रम्हा घाट सहित अनेकों विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने सूर्य अर्घ्य दान में भाग लिया।

इन संस्थाओं का रहा सहयोग
ऐतिहासिक एवं विश्व स्तरीय सहस्त्र युवाओं द्वारा सामूहिक सूर्य अर्घ्य कार्यक्रम को विराट स्तर प्रदान करने हेतु केंद्रीय देव दीपावली महासमिति, पहल समाजोत्कर्ष समिति, काशी बंगीय समाज, काशी गुजराती समाज, काशी महाराष्ट्रीय समाज,नाविक समाज, काशी विश्वनाथ दल, हिन्दू युवा वाहिनी, देव दीपावली एवं गंगा आरती, काशी के घाटों पर समस्त संस्थाओं की भागीदारी एवं अन्य सामाजिक तथा धार्मिक संस्थाओंके प्रति डॉक्टर पांड्या ने हृदय से आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक पंडित गंगाधर उपाध्याय व आध्यात्मिक संदेशवाहक अनिलेश तिवारी ने किया।

ये भी रहे शामिल
कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री केदार प्रसाद दुबे, आचार्य वागीश दत्त मिश्र, आलोक पारिख, आशीष सिंह, नरेंद्र ठाकुर, रामावतार पाटीदार, किशन जायसवाल, अम्बरीष सिंह भोला, अजय सिंह, अनुराग मौर्या,प्रसेन सिंह, सुरेश चंद यादव, बेचू लाल, आदित्य पांडेय, डॉक्टर भगवान दास, जितेंद्र जायसवाल, बृजेन्द्र नाथ चौबे, नवनीत सिंह,वीरेंद्र कुमार बबलू,राम कुमार दुबे,हरिशंकर मौर्या, अरुण देशमुख, कल्लन पटेल,सत्यप्रकाश गुप्ता,डॉक्टर मनमोहन श्याम, घनश्याम राम, महेश त्रिवेदी,वीर बहादुर सिंह, ओम कुमार, श्रीमती शारदा त्रिवेदी, डॉक्टर अंजना,कंचन चौबे, संगीता मौर्या, वैजयंती सिंह, प्रियंका सिंह, रीता श्रीवास्तव, वर्षा यादव, सावित्री सिंह, पुष्पा रानी,कुमारी आशना शर्मा,गुड़िया रानी स्वेता मौर्य, मुस्कान गुप्ता,सुरभि मौर्य, काजल मौर्या कुमारी प्रज्ञा श्रीवास्तव एवं मीडिया प्रभारी रमन कुमार श्रीवास्तव सहित विशाल जन समूह ने ऐतिहासिक एवं विश्व स्तरीय सामुहिक सूर्य अर्घ्य दान में भाग लिया।