
वाराणसी. गुजरात में यूपी-बिहार के लोगों पर हमले के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में युवक कांग्रेस ने पीएम पर ही निशाना साधा। उन्हें ही काशी से बाहर करने के लिए मोदी काशी छोड़ो नारे के साथ दशाश्वमेध घाट पर किया आचमन संकल्प सत्याग्रह। युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गंगा में खडे हो कर इस सविधि काशी को पीएम मोदी से मुक्त करने का संकल्प लिया।
इस मौके पर पर राघवेंद्र चौबे ने कहा की जिस तरह से मां गंगा के समक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कसम खाई थी की वह सर्वसमाज की रक्षा करेंगे लेकिन गुजरात मे भाजपा सरकार के संरक्षण में उत्तर भारतीयों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार कर उन्हें गुजरात छोड़ने को विवश किया गया है वह निंदनीय है। उन्होंवे कहा की जो गुजरात कभी महात्मा गांधी व सरदार पटेल से देश गौरावान्तित होता था व उत्तर भारतीयों के सहयोग से देश मे नया आयाम लिखा जाता रहा। अनेकता में एकता का परिचय दिया गया। वहीं मौजूदा परिवेश में गुजराती तानाशाह ने गांधी व सरदार पटेल के सिद्धांतों व मूल्यों का हनन किया है। साथ ही भारतीय नागरों को क्षेत्र में बांटकर उन्हें भगाने का जो काम किया वह भारतीयता के नाम पर कलंक है। इस घटना ने भारतीय एकता-अखंडता की सोच पर प्रहार किया है। इसे देश कभी माफ नहीं करेगा। ऐसे में हम काशीवासी भी मां गंगा के समक्ष नरेंद्र मोदी को 2019 में काशी से विदा करने का संकल्प लेते हैं। आज उत्तर भारतीयों ने जिन मोदी जी को सिरमाथे बिठाया उनके प्रधानमंत्री रहते उन्हीं के गृह प्रदेश गुजरात मे यह कृत्य अमानवीय है।
युवा कांग्रेस नेता चंचल शर्मा ने कहा की स्वयं को हर जगह का बेटा कहकर कसमें खाने वाले पहले जिस राज्य गुजरात के स्वयं बेटे है, जहां सरकार भी उन्हीं की अर्थात भाजपा क है, वहां उत्तर भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार केंद्र व प्रदेश सरकार के दूषित मानसिकता का परिचयक है। चंचल ने गुजरात सरकार पर गांधी व पटेल के सिद्धांतों के हनन का आरोप लगाया। कहा कि हम काशीवासी भी प्रण लेते है 2019 में इस तानाशाह को काशी से विदा करेंगे। यह सरकार जिमेदारी से सकारात्मक पहल के बजाए दोषारोपण में जुट गई है जिसका खामियाजा जनता उठा रही है।
संकल्प सत्याग्रह में प्रदेश प्रवक्ता शमशाद अहमद, ओमशंकर शुक्ला, किशन यादव, रोहित दुबे, परवेज खान, विनीत चौबे, तन्मय दुबे, राजीव आर्य, प्रमोद वर्मा, छांगुर नेता, मयंक चौबे आदि मौजूद रहे।