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बनारस के ग्रामीणों में बच्चों को अंग्रेजी स्कूल भेजने में का क्रेज

देश की शिक्षा व्यवस्था में हाल के वर्षों में अंग्रेजी की महत्ता तेजी से बढ़ी है। तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अंग्रेजी साहित्य की जानकारी की जरूरत भले न हो पर टफ कंपटीशन क्वालीफाई करने के लिए अंग्रेजी बोलना और लिखना आना जरूरी हो चला है। ऐेसे में अब ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावको में भी अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में दाखिला दिलाने का मन बना लिया है। कम से कम बनारस में तो ऐसा ही दिख रहा है।

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काशी विद्यापीठ ब्लाक का मंडुवाडीह मॉडल इंग्लिश मीडियम स्कूल

काशी विद्यापीठ ब्लाक का मंडुवाडीह मॉडल इंग्लिश मीडियम स्कूल

वाराणसी. बनारस के ग्रामीण अंचल के अभिभावकों में बड़ा परिवर्तन आया है। अब वो न केवल अपने बच्चों को शिक्षित करना चाहते हैं, बल्कि वर्तमान परिदृश्य के अनुसार उन्हें अच्छी से अच्छी तालीम भी दिलाना चाहते हैं। वो भी चाहते हैं कि उनका बच्चा अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़े। इसके तहत जिन अभिभावकों की माली हालत अच्छी नहीं वो सरकारी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में बच्चों का दाखिला करवा रहे हैं। वर्तमान शिक्षा सत्र के स्कूल चलो अभियान के आंकड़े तो यही बताते हैं।

चालू शिक्षा सत्र में जिले के 6000 छात्रों ने परिषदीय अंग्रेजी माध्यम स्कूलो में दाखिला कराया

जिला बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में 140 अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय स्कूल हैं। इसमें 129 अंग्रेजी माध्यम स्कूल गांवों में तो 11 शहरी क्षेत्र में हैं। ग्रामीण परिषदीय अंग्रेजी स्कूलों में इस साल अप्रैल महीने में चलाए गए स्कूल चलो अभियान के तहत शहरी स्कूलों में जहां 1391 विद्यार्थियो ने दाखिला लिया है वहीं ग्रामीण स्कूलों में 28 हजार 154 छात्र-छात्राओं का प्रवेश हुआ है।

अंग्रेजी माध्यम कान्वेंट स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने लिया परिषदीय विद्यालयों में दाखिला

जिला बेसिक शिक्षा अधिकार राकेश सिंह का कहना है कि इस वर्ष करीब छह हजार छात्र-छात्राओं दाखिला हुआ है। इसमें से शहरी क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में तो महज 100 छात्र-छात्राएं आए लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बाकी बच्चों का दाखिला हुआ है। वो बताते हैं कि इसमें ऐसे बच्चों की तादाद भी कम नहीं जो अंग्रेजी माध्यम के कान्वेंट स्कूलों से परिषदीय विद्यालयों में आए हैं।

परिषदीय स्कूलों में पूरी तरह से अंग्रेजी माध्यम से हो रही पढ़ाई

बीएसए बताते है कि बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में शिक्षा पूरी तरह से अंग्रेजी माध्यम से दी जाती है। इन स्कूलों में अध्यापन के लिए 532 शिक्षक नियुक्त हैं। बताया कि वर्तमान में 140 स्कूलों में 112 प्रधानाध्यापक, 954 सहायक अध्यापक, 222 शिक्षा मित्र तथा 117 अनुदेशक अध्यापन कार्य से जुड़े हैं।