पुलिस ने बताया कि लोहता थाना के घमरिया निवासी कासिम उर्फ गोलू को फिल्म देखने का बहुत शौक था और कमाई से ज्यादा खर्च हो जाने के चलते उसने फिल्मी के तर्ज पर रंगदारी मांगने का निर्णय किया। गोलू ने अपने साथी कपसेठी थाना के ग्राम नेवादा के निवासी दुर्गा सिंह के साथ मिल कर 7 जनवरी को अपने मालिक विवेक जालान को फोन किया और पंाच लाख रुपये रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद से दोनों लगातार व्यवसायी को फोन व मैसेज के जरिए रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देते रहे। इसी बीच व्यवसायी ने इसकी जानकारी पुलिस को दे दी। क्रइाम ब्रांच की इंटेलीजेंस टीम ने सर्विलांस के जरिए फोन किये गये नम्बर से जुड़ी सारी जानकारी जुटाने लगे। इसी बीच क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली कि रंगदारी मांगने वाले दो व्यक्ति असलहो के साथ किसी घटना को अंजाम देने के लिए सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के पास खड़े हैं। क्राइम ब्रांच और चेतगंज पुलिस ने मौके पर जाकर दोनों युवकों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से 315 बोर का एक तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने जब दोनों युवकों से कड़ाई से पूछताछ किया तो सारी कहानी का खुलासा हो गया। दोनों युवकों ने रंगदारी मांगने से लेकर दबाव बनाने के लिए व्यवसायी के घर पर फायर करने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने पहले ही उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया है। पकडऩे वाली टीम में क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण सिंह, उपनिरिक्षक राकेश सिंह, चेतगंज थाना के प्रभारी निरीक्षक अनुपम श्रीवास्तव आदि लोग शामिल थे।