
BHU
वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में फिर एक दलित छात्रा के उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित छात्रा ने इसकी शिकायत कुलपति प्रो राकेश भटनागर से की है। इस मामले एक बार फिर से जांच समिति गठित की गई है। मामला दलित छात्रा का होने के कारण विश्वविद्यालय पुनः चर्चा में आ गया है।
पिड़ित दलित छात्रा कला संकाय में अध्ययनरत है। वह बीएचयू की अनुसूचित जाति-जनजाति छात्र कार्यक्रम आयोजन समिति के बहुजन हेल्प डेस्क की इंचार्ज है। छात्रा पिछले 6 दिनों से नए छात्र-छात्राओं की मदद के लिए महिला महाविद्यालय के समीप बनी हेल्प डेस्क पर स्वयंसेवा कर रही थी।
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दलित छात्रा का आरोप है कि वह जब महिला महाविद्यालय (एमएमवी) परिसर के शौचालय जा रही थी तो वहां मौजूद गार्ड ने उसे रोक दिया। इसे छात्रा ने गंभीरता से लेते हुए अमानवीय करार दिया है। छात्रा ने सुरक्षाकर्मी पर भेदभावपूर्ण रैवैया अपनाने का आरोप लगाया है। शिकायती पत्र में उसने घटना का जिक्र किया है। बताया कि किसी भी महिला को निकटतम शौचालय में जाने से रोकना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि गैर कानूनी भी है। छात्रा ने शिकयती पत्र में गार्ड के खिलाफ अनुशासनात्मक व दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
बताया यह भी जा रहा है कि महिला महिला विद्यालय में प्रवेश करते ही गार्डों के लिए कमरा और शौचालय बना है, छात्रा उसी शौचालय में जा रही थी, तभी गार्डों ने उसे रोका था।
कोट
" छात्रा के आरोप की जानकारी होते ही घटना के बाबत जानकारी जुटाई गई। एक तरफ जहां छात्रा का आरोप है कि महिला महाविद्यालय परिसर में बने शौचालय में जाने से गार्डों ने रोका। वहीं गार्डों का कहना है कि छात्रा गार्डों से लिए बने वाश रूम में जा रही थी, लिहाजा उसे महिला शौचालय में जाने की सलाह दी गई थी। अब जो भी हो शिकायती पत्र के आधार पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी गई है। दो-तीन दिन में रिपोर्ट मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी "- प्रो ओपी राय, चीफ प्रॉकटर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
Published on:
12 Jul 2019 03:38 pm

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