
ज्ञानवापी प्रकरण पर आयोजित संत समागम
वाराणसी. ज्ञानवापी प्रकरण पर अब काशी के संत समाज ने मोर्चा संभाल लिया है। इस कड़ी में शुक्रवार को कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही स्थित सुभाष भवन में काशी धर्म परिषद का सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें उपासना स्थल अधिनियम 1991 को तत्काल रद्द करने सहित 22 प्रस्ताव पारित किए गए। इस संबंध में पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत स्वामी बालक दास ने बताया कि इन प्रस्तावों की सूची राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री तथा शासन-प्रशासन से जुड़े सभी शीर्ष लोगों को भेजते हुए इन पारित प्रस्तावों को मूर्त रूप देने की मांग की जाएगी।
ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिमों की आवाजाही पर लगे रोक
पातालपुरी मठ के महंत स्वामी बालक दास ने कहा कि ज्ञानवापी में शिवलिंग मिला है। बावजूद इसके हमें हमारे आराध्य देव की पूजा नहीं करने दी जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि पूजा पर रोक है तो नमाज क्यों पढ़ी जा रही? जब पूजा पर रोक है तो नमाज पढ़ना भी प्रतिबंधित हो। उन्होंने कहा कि संत समाज आंदोलित है। अगर ज्ञानवापी परिसर में नमाज पढ़ी जाएगी, तो हम भी पूजा करने की मांग करेंगे। ऐसे में अच्छा यही होगा कि कोर्ट का फैसला आने तक ज्ञानवापी में हिंदुओं के साथ मुस्लिमों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी जाए। दोनों पक्षों के साथ एक समान व्यवहार हो।
समस्या के समाधान को मंथन
महंत बालक दास ने कहा कि काशी धर्म परिषद की ओर से आयोजित सम्मेलन में संत समाज के साथ ही विधिवेत्ता और इतिहासविदों को भी आमंत्रित किया गया था। कहा कि हम यहां उन्माद का माहौल तैयार करने नहीं एकत्र हुए थे, बल्क हम यहां ज्ञानवापी प्रकरण का हल तलाशने जुटे थे। इस दौरान देश में जितने भी धर्मस्थल को ध्वस्त कर उन पर जबरन कब्जा किया गया है, उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने, सनातनी हिंदुओं की पूजा में बाधा न उत्पन्न होने देने, ज्ञानवापी मंदिर की परिधि निर्धारित करने जैसे प्रस्ताव पारित किए गए।
शिवलिंग का प्रमाण नहीं तो फौवारे का प्रमाण कहां है
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का तर्क है कि ज्ञानवापी में मिली शिवलिंगनुमा आकृति, आदि विशेश्वर का शिवलिंग है ये प्रमाणित नही हुआ है, तो उनसे सवाल है कि ये कब साबित हुआ कि वो फौवारा है। पुराण और इतिहास इस बात के साक्षात प्रमाण हैं कि ज्ञानवापी में शिवलिंग ही मिला है।
पारित प्रस्तावो के प्रमुख 5 बिंदु
1-प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 को तत्काल रद हो
2-ज्ञानवापी में मिले आदि विश्वेश्वर के शिवलिंग की पूजा का अधिकार दिया जाए
3-सनातन धर्मियों को ज्ञानवापी में पूजापाठ के मौलिक अधिकार से न रोका जाए
4-ज्ञानवापी में नमाज पढ़ने और मुस्लिमों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगे
5-शिवलिंग को फौवारा कहने वाले असदुद्दीन ओवैसी जैसे लोगों पर एफआईआर दर्ज हो
Published on:
03 Jun 2022 03:56 pm
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
