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6 लाख का कर्ज चुकाने के बावजूद मिल रही थी प्रताड़ना, घर छोड़ दर-दर भटकने को हुए मजबूर, काशी में लगा ली फांसी

Varanasi Mass Suicide: वाराणसी में गुरुवार की शाम दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जब कैलाश भवन में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने आर्थिक तंगी और कुछ लोगों की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। तीन पुरुष और एक महिला का शव भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर एस-6 में नायलॉन की रस्सी से लटकता मिला था। इस दौरान एक तेलगु भाषा का सुसाइड लेटर भी मिला है जिसने कई सवालों पर से पर्दा हटा दिया है।

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Varanasi Mass Suicide

प्रतड़ना से परेशान था आंध्रा प्रदेश का परिवार, इसलिए लगाई फांसी

Varanasi Mass Suicide: कर्ज में डूबे लोग अक्सर मौत को गले लगाते देखे गए हैं, लेकिन गुरुवार की शाम वाराणसी में एक साथ एक ही परिवार के चार लोगों की आत्महत्या की घटना से दिल दहल गया। चारों मृतक आंध्रा प्रदेश के रहने वाले हैं और कर्ज के 6 लाख रुपए लौटाने के बाद भी कर्ज देने वालों की प्रताड़ना से तंग आकर जान देने को मजबूर हुए। इस बात का खुलासा उनके द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट से हुआ है। वहीं घटना के बाद पुलिस ने खुलासा किया कि सुसाइड से पहले सभी ने तारपीन का तेल भी पिया था। सभी मृतक के मुंह से तारपीन के तेल की गंध आ रही थी और कमरे से एक शीशी भी बरामद हुई है। आंध्रा प्रदेश का यह परिवार पिछले दो महीनों से प्रताड़ना से तंग आकर दर-दर भटकने को मजबूर हो गया था।

कोंडा बाबू के बेटे राजेश ने लिया था 6 लाख का कर्ज

पुलिस के अनुसार आंध्रा प्रदेश के रहने वाले कोंडा बाबू का बड़ा बेटा आटोमोबाइल कंपनी में काम करता था। यहां उसने अपने साथ काम करने वालों से 6 लाख रुपए उधार लिए थे। राजेश ने सभी का कर्ज धीरे-धीरे लौटा दिया था पर उसके बावजूद कर्ज देने वाले बकाया होने का आरोप लगाकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे और उसके परिजनों को प्रताड़ित कर रहे थे। इसपर कोंडा बाबू और का परिवार घर छोड़ने को मजबूर हो गया। दो महीने पहले शुरू हुआ यह सफर काशी में समाप्त हो गया।

धमकी से थे परेशान

तेलुगू भाषा में मिले सुसाइड नोट की इबारत पढ़कर लोगों की आंखें नम हो गईं। सुसाइड नोट में बेटे राजेश ने आगे लिखा है कि उधार देने वाले लगातार घर पर आ कर धमकियां दे रहे थे। इससे परेशान होकर हमने घर छोड़ दिया। सबसे पहले तमिलनाडु, हरिद्वार, कोलकाता और फिर कोलकाता से 3 दिसंबर को वाराणसी पहुंचे। यहां कैलाश भवन में रूम बुक करवाया और राजेश 3 से 7 दिसंबर तक का किराया जमा करवा दिया। केयर टेकर ने बताया कि परिवार के चारों सदस्य एकदम नार्मल थे और आंध्रा भवन की निशुल्क भोजन सुविधा में रोजाना समय से भोजन करते थे। गुरुवार शाम को चारों के शव लटके हुए सफाईकर्मी ने देखे थे।

मुंह से आ रही थी तारपीन के तेल की गंध, एक ने काट रखी थी हाथ की नस

पुलिस के अनुसार आंध्रा प्रदेश ईस्ट गोदावरी स्थित मंडापेटा के रहने वाले कोंडा बाबू (50), पुत्र राजेश (25), लावण्या(45) और जयराज (23) शव भवन के एस-6 रूम में छत से लटके हुए मिले हैं। शवों को जब उतारा गया तो सभी के मुंह से तारपीन के तेल की गंध आ रही थी। वहीं मौके से एक तारपीन के तेल की शीश भी पड़ी हुई थी। पुलिस के अनुसार पहले सभी ने तारपीन का तेल पीकर आत्महत्या की कोशिश की होगी पर सफल नहीं होने पर छत से फंदा लगा लिया। वहीं एक बेटे की हाथ की नस भी कटी हुई मिली है। पुलिस ने मौके से तारपीन के तेल की शीश, चार टुकड़ा रस्सी और ब्लेड को कब्जे में लेकर फारेंसिक लैब भेजा है।

नहीं मिला के भी मोबाइल

पुलिस के अनुसार कमरे में चार लोगों के होने के बावजूद उनके कमरे से सिर्फ स्मार्ट फोन का चार्जर और हेडफोन मिला है। उनके कमरे में से कोई भी मोबाइल फोन नहीं बरामद हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि सुसाइड के पहले उन्होंने अपना मोबाइल कहीं फेक दिया है। राजेश ने जो नंबर काउंटर पर दर्ज करवाया था उसपर बेल नहीं हो रही है।