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BHU बवाल के तीसरे दिन खाली हुए छात्रावास, प्रशासन ने छात्रों को ही बनायी ढाल
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BHU बवाल के तीसरे दिन खाली हुए छात्रावास, प्रशासन ने छात्रों को ही बनायी ढाल

बोले डीएम, विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार छात्र ही कर रहे हैं मांग, अवांछनीय तत्वों के खिलाफ हो कार्रवाई।

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वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में सोमवार की रात से शुरू हिंसात्मक गतिविधियों के बीच परिसर में बुधवार को तीसरे दिन तनावपूर्ण शांति है। विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश पर सुबह से ही छात्रावास खाली कराने की कार्रवाई के लिए जिला व पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया था। करीब 10.30 से 11 बजे के बीच सारे छात्रावासों की तलाशी के साथ ही उन्हें खाली कराने का अभियान शुरू हो गया। छात्रों की सारी बातों को विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया। डीएम सुरेंद्र कुमार ने तो मीडिया से बातचीत में यहां तक कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि छात्र ही मांग कर रहे हैं कि कुछ अवांछनीय तत्वों के चलते विश्वविद्यालय का माहौल खराब हो रहा है। अध्ययन-अध्यापन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालय की गरिमा की रक्षा और छात्रहितं में विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश के तहत हम लोग छात्रावासों को खाली कराने आए हैं। इस बीच उन छात्रों की दलीलों को सिरे नकार दिया गया कि उनके पास पैसे तक नहीं हैं वो कहां जाएं इतना सारा सामान लेकर। प्लीज कमरों में सामान छोड़ने की इजाजत दे दी जाए।

इस बीच छात्रावास खाली करने के मुद्दे पर आंदोलित छात्र प्रशासन के मिजाज को देखते हुए बैकफुट पर आने को विवश हो गए। वे छात्रावास खाली कर परिसर से बाहर जाने लगे। दिन के 11:30 बजे तक जिले के आला अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ बीएचयू में सर्च ऑपरेशन चला रहे थें। तनाव को देखते हुए बीएचयू में जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

बता दें कि सोमवार की शाम से शुरू काशी हिंदू विश्वविद्यालय के बवाल के बीच सोमवार छात्रों के द्वारा सर सुंदरलाल चिकित्सालय में मरीज और उनके परिजनों के साथ मारपीट के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ मारपीट के बाद रेजिडेंस ने भी कार्यबहिष्कार की धमकी दी। कई जूनियर डॉक्टर मंगवार को काम पर नहीं आए। बवाल दूसरे दिन भी जारी रहा। सबसे बड़ी बात यह रही कि बीएचयू में तीन दिन तक चले बवाल बाजी में बीएचयू प्रशासन की भूमिका बिल्कुल कमजोर नजर आई।

बीएचयू प्रशासन किसी भी प्रकार से छात्रों पर नियंत्रण पाने में असमर्थ साबित हुआ। डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने अपनी सूझबूझ से छात्रों को मंगलवार की रात किसी प्रकार समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बाद बुधवार की सुबह से कैंपस में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया और बीएचयू के सात चिन्हित हॉस्टलों को खाली कराया जा रहा है।

छात्रों की दलील भी अनसुनी की गई
20 रुपये लेकर कहां जाए । पिता किसान है। झारखंड के रहने वाले छात्र का प्रशासन से सवाल। मनोज तिवारी को मानता है प्रेरणा स्रोत, जिस विभाग से BJP नेता मनोज तिवारी ने की है पढ़ाई , उसी विभाग में पढ़ रहा है छात्र। कल ही जमा किया है मेस की फीस।