
ओपी उपाध्याय
वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सरसुदर लाल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक रहे डॉ ओपी उपाध्याय को अब बड़ी जिम्मेदारी सौप दी गई है। यह नया दायित्व कुलपति प्रो राकेश भटनागर ने सौंपा है। इस आशय का पत्र बुधवार को असिस्टेंट रजिस्ट्रार ने जारी किया है।
असिस्टेंट रजिस्ट्रार जनरल एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से चार जुलाई को जारी पत्र के अनुसार डॉ उपाध्याय अब सरसुंदर लाल अस्पताल में होने वाले सुधार कार्यक्रमों के लिए रोड मैप तैयार करने और चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस बीएचयू) के अपग्रेडेशन के कार्यों के क्रियान्वयन के लिए बनी सात सदस्यीय समन्वय समिति के चेयरमैन होंगे। इस कमेटी के अन्य सदस्य हैं एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के एसके सिंह, पिडियाट्रिक विभाग के प्रो ओपी मिश्रा, माइक्रो बायोलॉजी के प्रो गोपाल नाथ, कार्डियोवैस्कुलर एंड थोरासिस सर्जरी के डॉ एस लोकनथ, न्यूरो सर्जरी के डॉ नित्यानंद पांडेय और न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ अभिषेक पाठक। हालांकि इस कमेटी का गठन 19 जून को हुई एनआईटीआई आयोग की बैठक में कर लिया गया था जिसे बुधवार को जारी किया गया है।
बता दें कि कुलपति प्रो भटनागर ने सोमवार की अल सुबह हुई स्टॉफ नर्स की मौत के बाद डॉ उपाध्याय को एमएस पद से हटाया था। यहां यह भी बता दें कि स्टॉफ नर्स की हालत रविवार की रात बिगड़ गई थी, उसे आईसीयू में भर्ती किया जाना था पर आईसीयू में बेड न मिलने से वह छह घंटे तक स्ट्रेचर पर ही तड़पती रही और सुबह उसकी मौत हो गई जिसके बाद परिजनों और अन्य नर्सों ने जमकर हंगामा किया था। कुलपति आवास के बाहर धरना भी दिया था। हालांकि डॉ उपाध्याय को हटाने के पीछे तर्क के तौर पर स्वास्थ्य मंत्रालय के उस दिशा निर्देश का हवाला दिया गया था जिसके तहत अस्पताल में किसी प्रशासनिक पद पर कोई भी व्यक्ति 62 साल से अधिक उम्र तक कायम नहीं रह सकता। वैसे भी बताया जा रहा है कि डॉ उपाध्याय का कार्यकाल दो जुलाई को ही पूरा हो गया था जिसके बाद आईएमएस के निदेशक प्रो वीके शुक्ल को एमएस का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
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Published on:
04 Jul 2018 07:45 pm

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