
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में रिंग रोड फेज-2 के लिए भूमि अधिग्रहण के मसले पर किसान रविवार को पुनः गर्मा गए। किसानों ने एसडीएम पर भूमि अधिग्रहण कानून की अवहेलना करने और धमकी देने का आरोप लगाया। इस बाबत हरदासपुर में पंचायत कर चेतावनी दी कि अगर गैरकानूनी ढग से उनका हक छीना गया तो वे मुंहतोड़ जवाब देंगे। किसी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई का वे माकूल जवाब देंगे। जान दे देंगे पर एक इंच जमीन नहीं देंगे।
हरदासपुर में रिंग रोड से प्रभावित किसानों की पंचायत को संबोधित करते हुए किसान खेत मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक विनय शंकर राय ‘मुन्ना’ ने कहा कि राजातालाब उपजिलाधिकारी का बयान पूरी तरह से कानून विरोधी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में रिंग रोड फेज-2 के किसानों के साथ भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का खुलेआम उल्लंघन कर किसानों के हक अधिकार पर डाका डालने की साजिश रच रही है भाजपा सरकार। किसानों के नोटिस पर उपजिलाधिकारी का बयान कि नोटिस पर आपत्ति मान्य नहीं होगी और किसानों की जमीन का अधिग्रहण जल्द करेंगें। कहा कि एसडीएम का यह बयान तानाशाही को दर्शाता है। इसका जबाब किसान सड़क पर उतरकर देगा।
पंचायत में किसानों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का पालन नहीं हुआ तो जान दे देंगें लेकिन एक इंच जमीन नहीं देगें। तय हुआ कि आगामी 16 सितम्बर रविवार को पुनः देवता पोखरा मैदान में किसान महापंचायत होगी जिसमें रिंग रोड फेज-2 से प्रभावित 25 गांव के किसान जुटेंगे। उस दिन दलीय राजनीति से ऊपर उठ कर सभी पार्टियों के किसान व नेता जो किसी न किसी रूप से किसानहितों से सरोकार रखते हैं उनका जुटान होगा। विभिन्न सामाजिक संगठनों के नेतृत्व कर्ता भी शामिल होंगे। महापंचायत में भाजपा सरकार को मुंहतोड़ जबाब देने की रणनीति तय कर निर्णायक जंग की घोषणा की जाएगी।
ये थे मौजूद
किसान पंचायत में रामजी सिंह, मनीष सिंह, शैलेश श्रीवास्तव, टुन्नु राजभर, कल्लू सिंह, दिनेश सिंह, सत्यम , चन्द्रबली राजभर आदि मौजूद रहे। संचालन गगन प्रकाश यादव ने किया तथा राजेश सिंह ने धन्यवाद दिया।