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The Kerala Story : काशी में फिल्म द केरल स्टोरी को मिला संतों का समर्थन, पहुंचे सिनेमा हाल, पूरे भारत से की ये अपील

The Kerala Story : फिल्म देखने पहुंचे अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बिना किसी का नाम लिया कहा कि यदि राष्ट्र की एकता और अखंड़ता चाहते हो तो हिन्दू अपनी बहन बेटियों को समझाएं।

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The Kerala Story

काशी में फिल्म द केरल स्टोरी को मिला संतों का समर्थन, पहुंचे सिनेमा हाल, पूरे भारत से की ये अपील

वाराणसी। बॉलीवुड के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन की फिल्म द केरला स्टोरी को भारत में दर्शकों का प्यार पहले दिन से मिलने लगा है। ये फिल्म सफलता का नया आयाम गढ़ेगी इस बात की इबारत शुक्रवार को काशी के संतों ने लिख दी। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती सहित कई मठों के महंत सिगरा स्थित एक माल में द केरला स्टोरी देखने पहुंचें। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरे भारत को यह फिल्म देखनी चाहिये।

बॉलीवुड करता था संत समाज का अपमान

इस दौरान मौजूद पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर बाबा बालक दास ने कहा कि ये जो फिल्म द केरल स्टोरी आई है। वो कहीं न कहीं सच्चाई पर आधारित है । मुझे लगता है कि इस सच्चाई पर आधारित फिल्म को देखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अभी तक बॉलीवुड में जितनी भी फिल्मे बनती आईं हैं वो कहीं न कहीं से सनातन धर्म का अपमान करती थीं। ब्रह्मणों,संतों सबका अपमान किया गया लेकिन इस फिल्म में सच्चाई दिखाई जा रही और सभी को इस फिल्म को देखना चाहिए।

केरल में हुई साजिश

वहीं सिनेमा देखने के लिए उत्सुक अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि इस राष्ट्र की एकता और अखंडता और हिंदुस्तान के एक राज्य को टारगेट कर इतनी बड़ी साजिश की गई और 32 हजार लडकियां केरल राज्य से गायब हो गईं। उन्हें किन परिस्थितियों में पहुंचा दिया गया। उन्हें आईएसआईएस जैसे खूंखार आतंकी संगठन के आत्मघाती दस्ते में इस्तेमाल किया गया। ये कहीं न कहीं एक बड़ी साजिश हुई है केरल में।

अभिव्यक्ति की आजादी एक पक्षीय नहीं

वहीं उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग बीबीसी की डाक्यूमेंट्री, जो नरेंद्र मोदी और गोधरा, गुजरात को लेकर बनी थी उसके बैन होने पर रो रहे थे। वही लोग इस फिल्म को बैन कराने के लिए केरल हाईकोर्ट पहुंचे थे। तो क्या अभिव्यक्ति की आजादी एकपक्षीय है। अभिवयक्ति की आजादी तो सभी के लिए बराबर है तो बीबीसी की डाक्यूमेंट्री और केरल स्टोरी सभी एक जैसी होनी चाहिए।

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