
अखिलेश सरकार में मंत्री रहीं संगीता यादव को पति ने जलाया, कभी बड़े हीरा कारोबारी को पछाड़कर जीती थी बाजी
वाराणसी/ जौनपुर. सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहीं संगीता यादव संदिग्ध परिस्थितियों में झुलस गईं है। इलाज के लिए उन्हे अस्पताल में दाखिल कराया गया है। हालांकि संगीता की जेठानी ने उनके ही पति पर जलाने का आरोप लगाया है। हालांकि जब तक संगीता की तरफ से कोई आधिकीरिक बयान नहीं आ जाता तब तक ये कह पाना मुश्किल है कि उन्हे किसने जलाया है। जो बातें सामने आ रही हैं उसमें साफ है कि उनकी हालत इस समय काफी खराब बताई जा रही है।
अखिलेश राज में इस नेता को दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाया गया था। बिना कोई चुनाव लड़े सरकार में इस ओहदे को मिलने से जिले में हर नेता हैरान था। हर किसी को लग रहा था कि समाजवाजी सरकार में संगीता ने बड़ी राजनीतिक बाजी जीती है। लेकिन उससे भी बड़ी एक बाजी वो तब जीतीं जब उन्हे 2017 में विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बना दिया गया। हालांकि बाद में शिवपाल के फैसले को तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने पलट दिया तथा लेकिन संगीता की इस कामयाबी से लोगों ने मान लिया कि संगीता जौनपुर की राजनीति में सपा के लिए बड़ी चेहरा बनेंगी।
कैसे जीती थी बाजी
बतादें कि 2017 चुनाव की तैयारी हो रही थी। बदलापुर विधानसभा से सपा के सीटिंग विधायक ओम प्रकाश उर्फ बाबा दूबे थे। बाबा दूबे सपा के कार्यकाल में अपने इलाके में अच्छा विकास कार्य भी कराया था। लेकिन शिवपाल गुट की करीबी रहीं संगीता को टिकट मिल गया जबकि बाबा दूबे का टिकट का काट दिया गया। पूरे जनपद में नेताओं के होश उड़ गये कि जो बाबा दूबे सपा मुख्यमंत्री के खासमखास हैं उनका टिकट कैसे कटा। कहा जाता है कि अरबपतियों में शुमार बाबा दूबे पार्टी में जितना फंड देते थे वो शायद कम हो सपा के नेता दे पातें हों। उसके बाद संगीता ने टिकट पाने की होश में उन्हे पछाड़ दिया था। अब संगीता के पति पर ही उन्हे जलाने का आरोप लग रहा है। सपा के नेता संगीका के लिए दुआ कर रहे हैं।
Published on:
17 Sept 2018 01:21 pm

बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
