वाराणसी. गंगा के बढ़े जलस्तर के चलते मणिकर्णिका घाट की छत पर शव का अंतिम संस्कार हो रहा है। बढ़े हुए पानी के चलते घाटों का सम्पर्क पहले ही टूट गया है। गंगा का जलस्तर अभी घटाव की तरफ है लेकिन एक-दो दिन में फिर से बढऩे की संभावना है। यदि गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो गलियों में शव का अंतिम संस्कार करना होगा।
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पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के महाश्मशान की हालत सुधारने के लिए योजना चलायी जा रही है जो समय से पूरी नहीं हो पायी है। यदि योजना पूर्ण हो जाती तो बाढ़ में भी शव को गलियों में जलाने की नौबत नहीं आती। मणिकर्णिका घाट पर शव का जलाने के लिए बने प्लेटफार्म डूब गये हैं जिसके चलते लोगों को घाट की छत पर शव जलाना पड़ा रहा है। यहां पर अधिक प्लेटफार्म नहीं बने हैं इसलिए शव जलाने आये लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। गंगा में बढ़े हुए जलस्तर के चलते घाट पर लकडिय़ों को लाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन, सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार नहीं कर पायी आरंभ
हरिश्चन्द्र घाट पर भी बढ़े हुए जलस्तर से शव जलाने में दिक्कत हो रही है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने जुलाई में ही घाट पर बने पीएनजी शवदाह गृह का उद्घाटन किया था लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार इसे अभी आरंभ नहीं करा पायी है। 6 अगस्त से पीएनजी शवदाह गृह के आरंभ होने की उम्मीद है। गंगा का जलस्तर कितना भी बढ़ जाता है लेकिन पीएनजी शवदाह गृह तक पानी नहीं पहुंचता है इसलिए शवदाह गृह चालू हो जाने से बाढ़ में भी अंतिम संस्कार करने आये लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
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