
गुरु पूर्णिमा पर वाराणसी में गुरु धाम में शिष्यों की भीड़ (फाईल फोटो)
वाराणसी. धर्म नगरी काशी में देवी-देवताओं संग गुरु की पूजा का भी विशष महत्व है। आसाढ शुक्ल पूर्णिमा को गुरु पूजा का विधान है। इस तिथि को गुरु पूर्णिमा भी कहा जाता है। लेकिन यह लगातार दूसरा साल है जब गुरु पूजन के लिए शिष्यों को वक्त कम मिलेगा। थोड़े ही समय में उन्हें गुरु पूजन की परंपरा पूरी कर लेनी होगी। कारण चंद्र ग्रहण का सूतक लगना है।
ज्योतिषाचार्य पंडित बृज भूषण दुबे के अनुसार 16-17 जुलाई की रात 1.31 बजे चंद्र ग्रहण का स्पर्श काल है जबकि 3.1 बजे मध्य काल और भोर के 4.30 बजे मोक्ष काल। चंद्र ग्रहण का सूतक 16 जुलाई की शाम पौने चार बजे लग जाएगा। गुरुपूर्णिमा भी उसी दिन है, ऐसे में 16 को गुरुपूजन की क्रिया 3.45 बजे से पहले ही पूरी कर लेनी होगी।
यहां-यहां गुरूपूजा के लिए लगती शिष्यों की भीड़
गढ़वाघाट आश्रम, श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थानम देवस्थान पड़ाव, बाबा कीनाराम स्थल, श्रीमठ पंचगंगा घाट, केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ, श्रीश्री अवधूतानंद गिरी आश्रम, शिवाला स्थित वनखंडी आश्रम, हनुमान घाट स्थित जूना अखाड़ा, विश्वनाथ गली स्थित अन्नपूर्णा मठ, कालिका गली स्थित बिहारी पुरी मठ, जंगमबाड़ी स्थित जंगम मठ में हजारों की संख्या में भक्तों का आगमन होगा।
गढ़वाघाट आश्रम के आसपास मेले जैसा महौल
गढ़वाघाट आश्रम के आसपास मेले जैसा महौल तैयार हो चुका है। यहां हजारों की संख्या में आने वाले भक्तों के ठहरने एवं प्रसाद की व्यवस्था भी पूरी की जा चुकी है। पड़ाव स्थित सर्वेश्वरी समूह और रवींद्रपुरी स्थित बाबा कीनाराम आश्रम में गुरु पूजन के निमित्त *भक्तों का आगमन शुरू भी हो *चुका है। .
यहां मुस्लिम महिलाएं करेंगी गुरु पूजा
काशी के नरहरपुरा स्थित पातालपुरी मठ में होने वाला गुरु पूर्णिमा महोत्सव बनारस की गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल होगा। 16 जुलाई को यहां होने वाले आयोजन में काफी संख्या में मुस्लिम भी हिस्सेदारी करेंगे। यह जानकारी पातालपुरी सनातन धर्म रक्षा परिषद के मुख्य न्यासी एवं पातालपुरी मठ के महंत बालक दास महाराज ने रविवार को मठ में आयोजित पत्रकारवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि यह रामानन्दी संप्रदाय की रामभक्ति शाखा का प्रमुख मठ है। इसकी परंपरा पांच हजार वर्ष से भी अधिक पुरानी है। बहुत पहले से यहां जाति का भेद समाप्त करने के लिए गतिविधियां संचालित होती आई हैं। हाल ही में मठ ने दलित पुजारियों के प्रशिक्षण का भी कार्यक्रम शुरू किया है। गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन 24 जुलाई तक चलेगा।
Published on:
15 Jul 2019 12:45 pm

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