रामनगर किले से जुड़ी है काशी की महत्ता, मुगल काल की कारीगरी से लेकर हिंदू मंदिरों को भी मिला है महत्वपूर्ण स्थान।
डॉ अजय कृष्ण चतुर्वेदी
वाराणसी. रामनगर का किला यूं तो ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व का किला है। इसे जहां महाभारत काल से जोड़ा जाता है तक किला परिसर में तैयारी चलती है। गजब की रौनक रहती है उन दिनों इस किले में। इतना ही नहीं इसी किले में वेद ब्यास का मंदिर है। संग्रहालय और राजपरिवार का आवास है। परिसर में एक दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर भी है। इसकी कलात्मकता पर्यटकों को बरबस आकर्षित करती हैं। इसी कारण से किले के कुछ हिस्से को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा रोजाना सैकड़ों लोग संग्रहालय को देखने आते हैं। इस किले का इस्तेमाल बालीवुड भी यदा कदा करता है। 'बनारस' और भैया जी सुपरहिट जैसी फिल्मों का फिल्मांकन यहा हो चुका है। सनी देयोल, अमीषा पटेल इस किले में अपना जौहर दिखा चुके हैं।
रामनगर के किले में मुगलकाल की वास्तुकला का अद्भुत दृश्य मिलता है। ऊंची-ऊंची दो सफेद मीनारें, मेहराबदार मार्ग और आंगन से होते हुए मीनारों तक पहंचा जा सकता है। किले की दीवारो पर कुछ अति प्राचीन शिलालेख भी हैं। महत्वपूर्ण तो यह कि यह किला गंगा तट पर स्थित है लेकिन इतनी ऊंचाई पर किले का निर्माण किया गया है कि इसे बाढ़ से कोई खतरा न हो। यानी 17वीं शताब्दी में इसके निर्माणकर्ताओं की दूरदृष्टि ऐसी थी कि यह किला अब 21वीं शताब्दी में भी ज्यों का त्यों दिखता है।
पत्रिका की इस मुहिम से जुड़ते हुए पूर्व विधायक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय राय कहते हैं कि इतनी सारी विशेषताओं के बावजूद इसे पुरातात्विक व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण न मानना सरकार की दृष्टि और सोच को दर्शाती है। दरअसल योगी आदित्यनाथ सरकार का कोई विजन ही नहीं है। दूसरे पूरी बीजेपी ने इस शहर को केवल अपने इस्तेमाल की वस्तु मान लिया है। इस धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व वाले शहर को संरक्षित करने, उसके धरोहरों की रक्षा करने पर किसी का ध्यान ही नहीं है। बस मान लिया गया है कि काशी उनकी थाती है, यहां के लोग उनके इस्तेमाल के लिए हैं। इस शहर को लगातार इग्नोर किया जा रहा है। ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों की उपेक्षा की जा रही है। राय ने रामनगर किले के समीप जल परिवहन के तहत बन रहे बहु उद्देशीय व बहुमंजिले टर्मिनल को रामनगर के किले के पुरातात्विक महत्व के मद्देनजर कहीं और बनाने की सलाह दी। कहा कि इससे तो किले की आभा ही ढंप जाएगी।