
Karwa Chauth
वाराणसी. हरतालिका तीज में जिस तरह पति की लम्बी उम्र के लिए पत्नी अन्न जल का त्यागकर व्रत रहती है उसी प्रकार करवा चौथ में भी पति की लम्बी उम्र के लिए हर सुहागिन महिला उपवास रखती हैं। हिंदू धर्म में इस व्रत का भी बहुत अधिक महत्व है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को जो उपवास किया जाता है उसका सुहागिन स्त्रियों के लिये बहुत अधिक महत्व होता है।
दरअसल, इस दिन को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। माना जाता है कि इस दिन यदि सुहागिन स्त्रियां उपवास रखें तो उनके पति की उम्र लंबी होती है और उनका गृहस्थ जीवन सुखद होने लगता है। इस दिन महिलाएं दिन ढलते ही चांद का दीदार करती हैं। चांद निकलने पर घरों की छतों का नजारा देखने लायक होता है।
दरअसल, सारा दिन पति की लम्बी उम्र के लिए उपवास रखने के बाद आसमान के चमकते चांद का दीदार कर अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत तोड़ती हैं। करवाचौथ का व्रत सुबह सूर्योदय से पहले ही 4 बजे के बाद शुरु हो जाता है और रात को चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत को खोला जाता है। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान श्री गणेश की पूजा की जाती है और करवाचौथ व्रत की कथा सुनी जाती है। सामान्यत: विवाहोपरांत 12 या 16 साल तक लगातार इस उपवास को किया जाता है लेकिन इच्छानुसार जीवनभर भी विवाहिताएं इस व्रत को रख सकती हैं। माना जाता है कि अपने पति की लंबी उम्र के लिये इससे श्रेष्ठ कोई उपवास अतवा व्रतादि नहीं है।
करवा चौथ पर्व तिथि व मुहूर्त 2019
करवा चौथ 20:22
13 अक्टूबर
करवा चौथ पूजा मुहूर्त- 17:49 से 19:05
चंद्रोदय- 20:14
चतुर्थी तिथि आरंभ- 01:58 (13 अक्तूबर)
चतुर्थी तिथि समाप्त- 03:07 (14 अक्तूबर)
Published on:
04 Sept 2019 04:51 pm
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