
वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के काशी रोडवेज डिपो में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। डिपो के कर्मचारी ने जब दो हजार लीटर डीजल की चोरी पकड़ी तो अधिकारी ही मामले को दबाने का दबाव बनाने लगे। कर्मचारी ने पुलिस थाने में तहरीर भी दी थी लेकिन अधिकारियों के दबाव के आगे वह बेबस होने लगा। कर्मचारी का दावा है कि डिपो की जांच करायी जाये तो बड़ा खुलासा हो सकता है।
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काशी डिपो के वरिष्ठ केन्द्र प्रभारी अरविंद मिश्रा ने डीजल चोरी को लेकर अब अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अरविंद मिश्रा का दावा है कि अलीनगर से टैंकर से 24 हजार लीटर डीजल काशी डिपो आया था इसकी जांच करायी गयी तो दो हजार लीटर डीजल कम मिला। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की सूचना देेने के बाद आदमपुर थाने में बकायदे डीजल चोरी की तहरीर भी दी गयी। अरिवंद मिश्रा का कहना है कि तहरीर देने के दूसरे दिन ही रोडवेज के एक अधिकारी का फोन आया और कहा गया कि टैंकर माफिया से क्यों उलझ रहे हो। तहरीर को वापस लेकर मामले को दबा दो। अरविंद मिश्रा का दावा है कि उसके बाद अन्य जगहों से भी इस मामले को लेकर धमकी मिलने लगी। अरविंद मिश्रा ने कहा कि जब से वह आये हैं तब से रोडवेज का एक माह में 16 लाख रुपये का डीजल बचा चुके हैं।
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मेरे पास है प्रमाण, जांच टीम को मिल जायेगा सबूत
अरविंद मिश्रा ने कहा कि धमकी देने से लेकर अधिकारियों द्वारा मामले को दबा देने को जो निर्देश मिले हैं उसके सारे प्रमाण है। आगरा की तरह यहां पर भी जांच हो तो कई लोगों की कलई खुल जायेगी। अरविंद मिश्रा ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग शुरू कर दी है जांच टीम के सामने सारे प्रमाण रखने को तैयार है।
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