18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बाहुबली क्षत्रिय नेता राजा भैया का है जन्मदिन, जानिए वह खास बातें जिससे बजता है डंका

साइकिल चलाने से लेकर उड़ा सकते हैं हवाई जहाज, जानिए उनके जीवन से जुड़ी खास बातें

2 min read
Google source verification

image

Devesh Singh

Oct 31, 2016

Raja Bhaiya

Raja Bhaiya

वाराणसी. बाहुबली क्षत्रिय नेता राजा भैया का 31 अक्टूबर को जन्मदिन है। प्रतापगढ़ की राजनीति में अपना डंका बजाने वाले राजा भैया के जीवन की कहानी भी बहुत दिलचस्प है। समय-समय पर राजा भैया पर बहुत आरोप भी लगते रहे हैं लेकिन उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए खुद की अलग पहचान बनायी।
कुंवर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का जन्म 31 अक्टूबर 1967 को प्रतापगढ़ में हुआ था। राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह व माता श्रीमती मंजुल राजे है। राजा भैया के दादा राजा बजरंग बहादुर सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रहे चुके हैं। राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह विश्व हिन्दू परिषद व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी भी रह चुके हैं। राजा भैया ने प्राथमिक शिक्षा नारायणी आश्रम इलाहाबाद से की थी। इसके बाद 1985 में भारत स्काउट एंड गाइड स्कूल से दसवी व 1987 में इलाहाबाद से ही इंटर की परीक्षा पास की थी। इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून, मिलिट्री साइंस व भारतीय मध्यकालीन इतिहास में स्नातक भी किया।


साइकिल चलाने से लेकर उड़ा सकते हैं हवाई जहाज
राजा भैया साइकिल चलाने से लेकर हवाई जहाज तक उड़ा सकते हैं। बुलेट की सवारी भी राज भैया को बहुत पसंद हैं। राजा भैया की शादी बस्ती सियासत की राजकुमारी भान्वी देवी से हुई थी और राजा भैया के दो पुत्र व दो पुत्री हैं।

लहर किसी की भी हो चुनाव तो राजा भैया ही जीतते हैं
प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा के लोगा राजा भैया पर बहुत विश्वास करते हैं। किसी भी पार्टी की लहर हो, चुनाव तो राजा भैया ही जीतते हैं। राजा भैया ने हमेशा ही निर्दल चुनाव लड़ा और जीत कर यह साबित किया है कि राजनीति के मंच पर भी उनका डंका बजता है। 1993 में पहली बार राजा भैया ने चुनाव जीता था उसके बाद से अब तक राजा भैया अजेय बने हुए हैं।

मायावती ने लगा दिया था पोटा
राजा भैया को राजनीति की बहुत कीमत भी चुकानी पड़ी है। बसपा सुप्रीमो मायावती राजा भैया से नाराज हो गयी थी इसके बाद वर्ष 2003 में राजा भैया पर पोटा लगा दिया गया था पिता व भाई पर भी कार्रवाई हुई थी। बसपा सरकार में बेती तालाब तक खनवा दिया गया था, लेकिन बाद में राजा भैया तमाम झंझावातों से उबरते हुए फिर से राजनीति में सक्रिय हो गये।


सीओ हत्याकांड में आया था राजा भैया का नाम
राजा भैया का नाम वर्ष 2013 में सीओ जिया उल हक हत्याकांड में आया था इसके चलते उन्हें जेल मंत्री की कुर्सी तक छोडऩी पड़ी थी। इस मामले को लेकर प्रदेश में खुब राजनीति हुई थी। बाद में सीबीआई ने राजा भैया को क्लीट चिट दे दिया था। इसके बाद उन्हें खाद्य, रसद एवं आपूर्ति मंत्री बनाया गया।

मुलायम राजनीतिक गुरु तो राजनाथ सिंह है रिश्तेदार
राजा भैया ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव उनके राजनीतिक गुरु है और राजनाथ सिंह उनके रिश्तेदार है। राजा भैया को सपा का समर्थन है तो बीजेपी से भी उनके अच्छे रिश्ते हैं।

गंभीर स्वभाव व बिना बात नहीं देते हैं बयान
राजा भैया का स्वभाव बहुत गंभीर है और बिना बात वह बयान भी नहीं देते है। राजा भैया की यही ताकत उन्हें शक्तिशाली बनाती है। राजा भैया ने कभी विवादित बयान नहीं दिया है। मीडिया से दूरी बनाये रखते हैं और अपने हो रहे हमलों का भी शांत होकर जवाब देते हैं। आज की राजनीति की बात की जाये तो राजा भैया का डंका बज रहा है और प्रतापगढ़ में ऐसा प्रत्याशी नहीं है जो राजा भैया को चुनाव हरा सके।

ये भी पढ़ें

image