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मां अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी का संस्कृत विश्वविद्यालय को मदद देने का वादा

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो हरेराम त्रिपाठी ने आज काशी की अधिष्ठात्री देवी मां अन्नपूर्णा के दर्शन कर मंदिर और मठ के महंत शंकरपुरी से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि मंदिर के महंत ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए हर संभव मदद का वादा किया है।

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अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी, संस्कृत विवि के कुलपति प्रो हरेराम त्रिपाठी को आशीर्वाद देते

अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी, संस्कृत विवि के कुलपति प्रो हरेराम त्रिपाठी को आशीर्वाद देते

वाराणसी. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बाद अब मां अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने भी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की हर संभव मदद करने का भरोसा दिया है। बता दें कि कुछ ही दिन पूर्व विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद ने विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का फैसला किया था। अब मां अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने भी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो हरेराम त्रिपाठी को देववाणी संस्कृत और संस्कृत विश्वविद्यालय के अभ्युदय में सहयोग का वादा किया है। ये कहना है संस्कृति विश्ववद्यालय के कुलपति प्रो हरेराम त्रिपाठी का।

अन्नपूर्णा मंदिर-मठ करेगा आर्थीक सहयोग

कुलपति प्रो त्रिपाठी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार मां अन्नपूर्णा धान्य की अधिष्ठात्री देवी है। मां अन्नपूर्णा आदिशक्ति माता पार्वती का रूप भी हैं। इन्हें अन्नदा और शाकुम्भरी भी कहते हैं। मां अन्नपूर्णा से संस्कृत विश्वविद्यालय के अभ्युदय की कामना करते हुए मंदिर के महंत शंकरपुरी जी से देववाणी संस्कृत भाषा का मंदिर "संस्कृत विश्वविद्यालय" के लिए आर्थिक सहयोग पर भी विस्तृत वार्ता हुई। मंदिर के महंत ने हर सम्भव विद्या और विद्यार्थी को सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

देववाणी भाषा के अभ्युदय और संस्कृत विवि के लिए हमेशा रहेंगे सहयोगीः शंकर पुरी

उन्होने बताया कि मां अन्नपूर्णा मंदिर और मठ के महंत शंकरपुरी ने कहा कि यह मंदिर काशी की अधिष्ठात्री देवी मां अन्नपूर्णा जी का स्थल है यहां से सम्पूर्ण भारत के अभ्युदय की कामना की जाती है। भारत मे रहने वाले प्रकृति से युक्त सभी जीव सुरक्षित और आनंदित हों। इस स्थल से देववाणी भाषा संस्कृत के अभ्युदय और संस्कृत विश्वविद्यालय के लिए सदैव सहयोगी रहेंगे।

मां अन्नपूर्णा से विश्वविद्यालय के अभ्युदय की कामना

कुलपति प्रो हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि मां अन्नपूर्णा जी की महिमा और महंत शंकरपुरी के आह्लादित भाव से विश्वविद्यालय का सदैव कल्याण होगा। मेरे द्वारा विश्वविद्यालय परिवार के अभ्युदय की भी कामना की गई। दर्शन के पश्चात् मंदर के महंत शंकरपुरी जी ने कुलपति प्रो त्रिपाठी जी का अँगवस्त्रम के साथ स्वागत और अभिनंदन किया गया। उस दौरान कुलपति की धर्मपत्नी बादामी त्रिपाठी जी भी उपस्थित थी।