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BHU अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ओपी उपाध्याय हटाए गए

नर्स की मौत का मामला हुआ गंभीर, वीसी ने लिया कड़ा ऐक्शन, स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देश का दिया गया हवाला।

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Dr OP Upadhyay

Dr OP Upadhyay

वाराणसी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सरसुंदर लाल चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ ओपी उपाध्याय को हटा दिया गया है। यह कड़ी कार्रवाई कुलपति प्रो राकेश भटनागर ने की है। माना जा रहा है कि सोमवार को हुई नर्स की मौत के बाद यह सख्त निर्णय लिया गया है। हालांकि कुलसचिव की ओर से जारी लेटर में डॉ ओपी उपाध्याय को पद से हटाने के पीछे स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देश का हवाला दिया गया है जिसके तहत प्रशासनिक अधिकारी के पद पर 62 वर्ष से अधिक की उम्र के व्यक्ति को नहीं रखा जा सकता।

बता दें कि पूर्व कुलपति प्रो जीसी त्रिपाठी ने डॉ ओपी उपाध्याय को सरसुंदर लाल चिकित्सालय के मुख्य चिकित्साधीक्षक के पद पर तैनात किया था। तैनाती के बाद से ही डॉ उपाधयाय पर तरह-तरह के आरोप लगते रहे हैं। खास तौर पर छात्रनेताओं द्वारा कई तरह के संगीन आरोप भी लगाए गए। विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी गंभीर आरोप मढ़े। यहां तक कि चारित्रिक आरोप तक लगाए गए। पर वह अपने पद पर कायम रहे। छात्रनेताओं से उनकी एक दिन नहीं पटी। आरोप-प्रत्यारोप के बीच उनके आवास पर पेट्रोल बम तक फेके गए। इस आरोप में कई छात्रनेताओं को गिरफ्तार भी किया गया। डॉ उपाध्याय का एक ऑडियो भी वायरल हुआ जिसमें वह कुछ छात्र नेताओं को अपशब्द कहते सुना गया। इस बीच सरसुंदर लाल चिकित्सालय को एम्स का दर्जा देने की पहल शुरू हुई तो इसका श्रेय भी उन्हें ही दिया गया। आईएमएस निदेशक के साथ डॉ उपाध्याय ने भी इसका श्रेय लेने से गुरेज नहीं किया।


इसी बीच रविवार रात स्टॉफ नर्स को आईसीयू में बेड न मिलना और उसका स्ट्रेचर पर ही छह घंटे तक तड़प- तड़प कर जान देने की घटना हुई। नर्सों ने हंगामा किया, परिवार के लोग नर्सों संग पहुंच गए कुलपति आवास पर। वहां धरने पर बैठ गए। उसके अगले ही दिन कुलपति प्रो राकेश भटनागर ने डॉ ओपी उपाध्याय को चिकित्सा अधीक्षक पद से हटाने का निर्देश जारी किया। कुलसचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कुलपति प्रो भटनागर ने डॉ उपाध्याय की जगह आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ल को अग्रिम आदेश तक चिकित्सा अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

माना यह भी जा रहा है कि बीएचयू अस्पताल को आईएमएस का दर्जा देने से पहले दिल्ली एम्स की टीम यहां मुआयना करने आ रही है। वह अस्पताल की सुविधाओं से लेकर अन्य बातों पर भी गौर करेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देशों पर भी उसका ध्यान होगा। ऐसे में वह टीम आए उससे पहले ही वीसी ने यह कार्रवाई कर दी।

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