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वाराणसी में जल्द मिलेगी ‘मॉलीक्यूलर टेस्ट’ की सुविधा, कैंसर मरीजों के सैंपल नहीं भेजने होंगे मुंबई

Molecular Test facility will be available in Varanasi Soon- काशी में महामाना पंडित मदनमोहन मालवीय कैंसर केंद्र (Mahamana Pandit Madanmohan Malviya Cancer Center) व होमी भाभा कैंसर अस्पताल में जल्द ही मॉलीक्यूलर टेस्ट की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों के सैंपल को मुंबई नहीं भेजना पड़ेगा। इससे जहां समय की बचत होगी वहीं मरीजों का इलाज भी जल्द शुरू हो सकेगा।

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Molecular Test facility will be available in Varanasi Soon

Molecular Test facility will be available in Varanasi Soon

वाराणसी. Molecular Test facility will be available in Varanasi Soon. काशी में महामाना पंडित मदनमोहन मालवीय कैंसर केंद्र (Mahamana Pandit Madanmohan Malviya Cancer Center) व होमी भाभा कैंसर अस्पताल में जल्द ही मॉलीक्यूलर टेस्ट की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों के सैंपल को मुंबई नहीं भेजना पड़ेगा। इससे जहां समय की बचत होगी वहीं मरीजों का इलाज भी जल्द शुरू हो सकेगा। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल के साथ इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के बीच एक करार हुआ है, जिसके बाद भाभा कैंसर अस्पताल में जल्दी मरीजों को मॉलिक्यूलर टेस्ट की सुविधा मिल पाएगी। इसके लिए आईओसीएल की ओर से सीएसआर फंड से 1.90 करोड रुपए दिया जाएगा। इस फंड से बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, रेडिएशन और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इससे शोध कार्यों में भी मदद मिलेगी।

मॉलीक्यूलर टेस्ट से होती है कैंसर की गांठ की जानकारी

मॉलीक्यूलर टेस्ट से कैंसर की गांठ का पता लगाना आसान हो जाता है। अक्सर टेस्ट करने पर भी बीमारी का पता नहीं लग पाता। ऐसे में मॉलीक्यूलर टेस्ट की मदद से डॉक्टर मरीज में कैंसर की गांठ की पुष्टि कर पाते हैं। इस सुविधा के बाद न केवल बनारस बल्कि पूर्वांचल समेत बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बंगाल के मरीजों को भी बड़ी सुविधा होगी। अस्पताल के निदेशक डॉ. सत्यजीत प्रधान ने कहा कि पूर्वांचल और इससे सटे हुए दूसरे राज्यों के मरीजों को इलाज में अब राहत मिलेगी। इस टेस्ट की सुविधा बनारस में मिल जाने से समय की बचत के साथ मरीजों को सही समय पर उपचार भी मिल सकेगा। टाटा मेमोरियल सेंटर कैंसर मरीजों को गुणवत्तापरक इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह करार हमारी इस प्रतिबद्धता को और मजबूती प्रदान करेगा।

चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी सुविधा

एमपीएमएमसीसी एवं एचबीसीएच के शैक्षणिक अधिष्ठाता (डीन) एवं पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. शशिकांत पटने ने कहा कि टेस्ट की सुविधा चरणबद्ध तरीके से अस्पताल में शुरू की जाएगी। टेस्ट की सुविधा अस्पताल में शुरू होने से मरीजों को फायदा मिलने के साथ ही शैक्षणिक एवं शोध कार्यों को भी बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। अब तक हर महीने लगभग 30 सैंपल मुंबई भेजे जाते हैं। नतीजे देर से मिलने पर मरीजों को भी असुविधा होती थी। अब बनारस में इसकी सुविधा हो जाने से मरीजों का इलाज जल्द शुरू हो पाएगा।

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