
Munna Bajrangi
वाराणसी. जरायम दुनिया में दो दशक गुजराने के बाद भी मुन्ना बजरंगी कभी इतना कमजोर नहीं हुआ था जितना पिछले दो साल में हो गया था। दो हत्याओं के बाद से मुन्ना बजरंगी बैकफुट पर आ चुका था। सुपारी किंग के बारे में कहा जाता था कि वह अपने लोगों की हत्या का बदला जरूर लेता है लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। बदला लेने से पहलेे ही सुपारी किंग की मौत हो गयी।
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पूर्वांचल मे युवाओं शूटरों को सबसे अधिक मदद मुन्ना बजरंगी ही करता था इसके चलते उसके पास कभी भी शूटरों की फौज नहीं रही थी। बाहुबली मुख्तार अंसारी का करीबी माने जाने वाले मुन्ना बजरंगी की मुलायम सिंह यादव व मायावती की सरकार में भी दखल थी। सत्ता पक्ष का संरक्षण मिलने के चलते मुन्ना बजरंगी ने खुद को कभी असुरक्षित महसूस नहीं किया था। बीजेपी विधायक कृषणानंद राय की हत्या के बाद चर्चा थी कि सत्ता पक्ष के इशारे पर शासन से जुड़े लोगों ने ही उसे सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाया था। मुन्ना बजरंगी की सीधी किसी से अदावत नहीं थी लेकिन सुपारी के लिए वह किसी की भी हत्या कर देता था। इससे मुन्ना बजरंगी के दुश्मनों की संख्या बढ़ती चली गयी। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ की सत्ता आने के बाद से मुन्ना बजरंगी का गिरोह कमजोर होने लगा था इसी बीच दो लोगों की हत्या ने मुन्ना बजरंगी को बैकफुट पर ला दिया था।
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दो लोगों की हत्या से बैकफुट पर आ गया था मुन्ना बजरंगी
लखनऊ में 6 मार्च 2016 को मुन्ना बजरंगी के रिश्तेदार पुष्पजीत की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी। यह घटना बजरंगी गिरोह के लिए बड़ी चुनौती बन गयी थी। पुष्पजीत की मौत के बाद गिरोह का सारा कामकाज तारिक देखने लगा था। देखते ही देखते तारिक ने मुन्ना बजरंगी के बेहद खास लोगों में अपनी पहचान बना ली थी। 2 दिसम्बर 2017 को तारिक की भी गोली मार कर हत्या कर दी थी। इन दोनों हत्याओं के बाद मुन्ना बजरंगी गैंग कमजोर हो गया था। यूपी सरकार का भी गिरोह पर इतना अधिक दबाव बढ़ गया था जिसके चलते मुन्ना बजरंगी को अपनी मौत का पहले से ही अहसास होने लगा था।
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रंगदारी के लिए हो सकती है गैंगवार, अब कौन संभालेगा गिरोह की कमान
मुन्ना बजरंगी के बाद जरायम की दुनिया की हलचल तेज हो गयी है। मुन्ना बजरंगी गैंग सुपारी लेने के साथ रंगदारी भी वसूलता था। सरकारी ठेकों में मुन्ना बजरंगी की धमकी सुनायी देती थी। बड़ा सवाल है कि अब मुन्ना बजरंगी के गिरोह की कमान कौन संभालेगा। मुन्ना बजरंगी के रंगदारी व्यवसाय को लेकर गैंगवार होने की संभावना प्रबल हो गयी है सभी गैंग इस कारोबार पर अपना कब्जा जमाना चाहते हैं। मुन्ना बजरंगी की मौत हो चुकी है इसलिए अब विरोधी दलों को इस पर कब्जा जमाना आसान हो गया है। बजरंगी गिरोह के मुख्य शूटर की मौत हो चुकी है अब देखना है कि मुन्ना बजरंगी गिरोह की कमान कौन संभालता है।
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Updated on:
10 Jul 2018 03:50 pm
Published on:
09 Jul 2018 03:46 pm
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