सड़क बन गई पर पटरियों का कहीं अता-पता नहीं। जिलाधिकारी ने जताई कड़ी आपत्ति। कहा, स्टीमेट के अनुसार काम पूरा होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान उन्होने सड़क के क्रमशः 1,3 व 6 किलोमीटर पर खुदाई कराकर प्रयुक्त सामग्री को जांच के लिए आईआईटी बीएचयू भेजा। चेताया, जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी निकली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।