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BHU ट्रामा सेंटर के गलियारे में 6 दिन से स्टेचर पर पड़ी है मासूम बिटिया, इलाज को पैसे नहीं

- लंका क्षेत्र में रोड एक्सिडेंट का शिकार हुई है बच्ची-पिता मानसिक रूप से बीमार हैं-मां के साथ बिल्डिंग निर्माण में मजदूर का करती है काम-बीएचयू के समाज विज्ञान संकाय के छात्र शिवम ने सोशल साइट से इलाज के लिए चंदा जुटाने में जुटे

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इलाज के लिए ट्रामा सेंटर मे पड़ी बिटिया काजल

इलाज के लिए ट्रामा सेंटर मे पड़ी बिटिया काजल

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र स्थित बीएचयू के ट्रामा सेंटर में एक बाल मजदूर "बिटिया" पिछले 6 दिन से गैलरी में स्ट्रेचर पर पड़ी है। वह रोड एक्सिडेंट की शिकार है। इलाज के लिए 40 हजार रुपये की दरकार है। जब तक पूरे पैसे नहीं होंगे उसका इलाज नहीं हो पाएगा। फिलहाल बीएचयू के समाज विज्ञान संकाय के बीए तृतीय वर्ष के छात्र शिवम सोशल साइट पर बच्ची की वीडियो वायरल कर चंदा जुटाने में लगे हैं ताकि मासूम का इलाज हो सके।

शिवम ने पत्रिका को बताया कि बच्ची मां के साथ भवन निर्माण में मजदूरी करती है। उसके पिता की दिमागी हालत ठीक नहीं। लिहाजा मां-बेटी ही मिल कर घर खर्च चलाते हैं। उसकी एक दुधमुंही बहन भी है। फिलहाल बिटिया 6 दिन से ट्रामा सेंटर के गलियारे में स्ट्रेचर पर पड़ी दर्द से कराह रही है। बिटिया का नाम काजल ह।

शिवम ने बताया कि बेटी का 6 दिन पहले लंका क्षेत्र में ही रोड एक्सिडेंट हो गया था। एक ऑटो और स्कूटी की भिड़ंत में वह बीच में आ गई और उसके हाथ व पैर में गंभीर चोटें आई हैं। शिवम ने बताया कि बच्ची के पैर में टाइटेनियम रॉड लगाने की जरूरत है जिसके लिए 40000 रुपये चाहिए। चंदे के माध्यम से अब तक 10, 000 रुपये जुट गए हैं। शेष 30,000 रुपये की दरकार है।

शिवम ने बताया कि उसे इस बिटिया के बारे में मेस महाराज ने बताया था। तभी मैं यहां आया और तब से चंदा जुटाने में लगा हूं कि किसी तरह से बिटिया की पीड़ा दूर हो सके। उन्होंने बताया कि बच्ची अस्पताल के गलियारे में पड़ी है पर अब तक अस्पताल की ओर से या प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई है।