31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब रूसी जनता को भी लुभाएगा बनारसी लंगड़ा आम

यूं तो वर्षों से बनारसी लंगड़ा आम ने विश्व बाजार में अपनी अच्छी खासी पैठ बना ली है। अब रूस ने भी बनारसी लंगड़ा आम की मांग की। ये मांग रूस के विदेश मंत्री ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वार्ता के दौरान की। दरअसल पिछले दिनों भारत दौरे पर आए रूसी विदेश मंत्री ने जिन उपभोक्ता सामानों की सूची पेश की उसमें बनारस का लंगड़ा आम भी है। लिहाजा अब बनारसी लंगड़ा आम अब रूसी बजारा की भी शोभा बढ़ाएगा।

2 min read
Google source verification
बनारस का लंगड़ा आम जाएगा रूस

बनारस का लंगड़ा आम जाएगा रूस

वाराणसी. वर्षों से विश्व बाजार में अपनी खास जगह बना चुका बनारस का लंगड़ा आम अब रूस के लोगों का जायका बढ़ाएगा। इस संबंध में कवायद शुरू हो गई है। दरअसल पिछले दिनों जब रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव जब भारत दौरे पर आए थे, तभी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग बातचीत में जो उपभोक्ता सामानों की मांग उसमें बनारसी लंगड़ा का भी जिक्र है। लिहाजा अब कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने लंगड़ा आम के निर्यात की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि सब कुछ ठीक रहा तो इस साल लंगड़ा आम रूस को भेजा जाएगा। इस मसले पर 10 अप्रैल तक फैसला हो जाएगा।

10 अप्रैल तक भारत और रूस के बीच तैयार होना है नया पेमेंट प्लेटफार्म

बता दें कि यूरोप और खाड़ी देशों में बनारसी लंगड़ा आम पहले से ही अपनी पैठ बना चुका है। अब तय माना जा रहा है कि 10 अप्रैल तक रूस और भारत के बीच नया पेमेंट प्लेटफार्म बनकर तैयार हो जाएगा। फिर रसीले लंगड़ा आम का स्वाद मित्र राष्ट्र रूस की जनता भी इसका स्वाद चख पाएगी।

अलग-अलग वजन के पैकटों में निर्यात होगा लंगड़ा आम
जानकारी के मुताबिक रुस ने दो, पांच और दस किलो के पैकेट में आम की मांग की है। रूस की ओर से आपूर्ति के लिए दी गई सूची में 27 वें नंबर पर बनारसी लंगड़ा आम का उल्लेख है।

इन प्रॉडक्ट्स की भी है मांग
बनारसी लंगड़ा के अलावा रूस ने आम के जैम और जेली पैकेट, ग्लास जार और पेट जार में 200 और 500 ग्राम में मांग की गई है। ये मांग डिमांड लिस्ट में पांचवें स्थान पर है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रूस पर लगा आर्थिक प्रतिबंध बना बड़ा कारण

बताया जा हा है कि रूस- यूक्रेन युद्ध के चलते यूरोप, अमेरिका सहति कई देशों ने रूस पर आर्थिक पाबंदियां लगाई हैं। ऐसे में रूस ने मित्र राष्ट्र भारत की ओर हाथ बढ़ाया है। यही वजह है कि रूस ने भारतीय उपभोक्ता सामानों को लेकर भारत से मांग की है। अब भारत और रूस नए पेमेंट सिस्टम पर काम करेंगे। पेमेंट सिस्टम के लिए एक मुख्यालय रूस में होगा तो दूसरा नई दिल्ली में। जानकारी के अनुसार रूस के साथ कारोबार डॉलर में नहीं बल्कि रूबल में होगा। इसके लिए आरबीआइ के साथ मिल कर नया पेमेंट प्लेटफार्म बनाया जाएगा।

Story Loader