संत समागम के अध्यक्ष रामशरण दास ने कहा, स्वामी रामानंदाचार्य न केवल राम भक्ति के संवाहक थे अपितु समस्त सनातन मानव समाज के लिए 13वीं सदी में आध्यात्मिक ऊर्जा, ज्ञान,दर्शन, विज्ञान एवं चमत्कारिक कला से समाज को ओत-प्रोत किया वह आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है। उनका ज्ञानदर्शन जो समस्त मानव समाज को इह लोक से लेकर आध्यात्मिक जीवन में भी गंगा प्रवाह की तरह है जो समस्त कलुष का प्रक्षालन कर ईश्वर तक जीव को पहुंचा देता है।