वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ के राज में पुलिस थाने के बगल में दुकान पर आराम से शराबी जाम झलकाते हैं और पुलिस बेबस बनी रहती है। लक्सा थाना के बगल में खुली देशी, विदेशी व बीयर की दुकान पर शराब पीने के बाद महिलाओं के साथ छेडख़ानी की भी घटना हो चुकी है जिसको लेकर बीजेपी सभासद ने विरोध प्रदर्शन भी किया था इसके बाद भी पुलिस का सक्रियता नहीं दिखाने से तमाम सवाल उठने लगे हैं।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने शराब माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए आबकारी नियमों में परिवर्तन किया है। शराब की दुकानों के खुलने व बंद होने के समय में परिवर्तन किया गया है। इसके बाद भी शराब की दुकानों पर जाम झलकाने वालों पर सख्ती नहीं हो पा रही है। इसे पुलिस की निष्क्रियता कहा जाये या फिर आंख बंद कर लेना। शहर में पिछले कुछ दिनों से कई शराब की दुकानों को लेकर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया था इसमे लक्सा थाना के पास स्थित शराब की दुकान भी शामिल है। लक्सा थाना के सामने अंग्रेजी शराब की दुकान है जबकि थाने के बगल में देशी व बीयर की दुकान है। यहां पर दिन हो या शाम। आपको जाम झलकाते लोग मिल जायेंगे। एक दुकान को लेकर आरोप लगता है कि वह आधी रात तक खुली रहती है और कोई बोलने वाला नहीं होता है।
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नहीं काम आया लोगों का विरोध प्रदर्शन
शराब की दुकानों पर झाम झलकाने के बाद महिलाओं के साथ अभद्रता को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था इसके बाद भी पुलिस की आंख नहीं खुली है। लगता है कि पुलिस को किसी बड़ी घटना होने का इंतजार है इसके बाद ही जाम झलकाने वालों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्र में इस बात की भी चर्चा है कि जब पुलिस पर उपर से अधिक दबाव पड़ता है तो जाम झलकाने वालों को पकड़ लिया जाता है और बाद में थाने से कुछ ले कर मामला सुलझा दिया जाता है।
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