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2017 विधानसभा चुनाव में उज्जवला योजना ने बीजेपी को दिलाई थी जीत, 2019 में इस प्लान से विपक्षी को मात देंगे मोदी

महागठबंधन की चर्चाओं के बीच घर-घर तक पहुंच बनाने में जुटी भाजपा

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Pm Modi

Pm Modi

आजमगढ़. यूपी में महागठबंधन की संभावनाओं के बीच विपक्ष का तोड़ ढूंढने में जुटी बीजेपी को मोदी सराकार की योजनाओं पर काफी भरोसा है। पार्टी का मानना है कि जिस तरह 2017 के विधानसभा चुनाव में उज्ज्वला ने यूपी में बड़ी जीत हासिल करने में मदद की थी उसी तरह पार्टी 2019 में पीएम आवास और स्वच्छता तथा सौभाग्य योजना को हथियार बनाकर विपक्ष को मात देने में सफल होगी। यहीं वजह है कि इन योजनाओं को बिना किसी भेदभाव के हर घर तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों पर भी इसका दबाव साफ दिख रहा है।

बता दें कि यूपी में बड़ी जीत के कारण ही बीजेपी वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल रही थी। पूर्वांचल में आजमगढ़ संसदीय सीट को छोड़ दिया जाय तो बीजेपी ने विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया था। वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में लगा कि सपा और कांग्रेस के गठबंधन के बाद बीजेपी की मुश्किल बढ़ेगी और सपा कांग्रेस मिलकर सत्ता में आ जाएंगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं बल्कि बीजेपी ने यूपी में 325 विधानसभा सीट जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया। इसके बाद विपक्ष ने एकजुट होने के लिए मजबूर हो गया।


वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के लिए पिछड़ों की पार्टी के पक्ष में लामबंदी और उज्ज्वला योजना का माना गया। कारण कि यह एक ऐसी योजना थी जिसके जरिये बीजेपी सरकार ने लगभग हर गरीब के घर तक पहुंच बनायी थी। राजनीति के जानकार रामजीत सिंह कहते हैं कि निश्चित तौर पर बीजेपी को इस योजना का लाभ मिला था। अगर ऐसा न होता तो इतनी सीटे नहीं मिलती। भाजपा के लोग भी इस बात को स्वीकार करते है। बीजेपी सरकार आज भी इस योजना को गंभीरता से रही है।
वहीं विपक्ष बीजेपी को मात देने के लिए एकजुट होने का प्रयास कर रहा है। विपक्ष की एकजुटता से उपचुनावों में बीजेपी को हार का सामना भी करना पड़ा है। बीजेपी भी इस चुनौती को अच्छी तरह समझ रही है। यही वजह है कि नेता विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये लगातार लोगों के बीच पहुंच रहे हैं तो अटल जी को भी भुनाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। वहीं बीजेपी का इस समय पूरा फोकस सौभाग्य, पीएम आवास, शौचालय और आयुष्मान योजना पर है।


अधिकारियों को सख्त हिदायत है कि सभी गांव जल्द से जल्द ओडिएफ हो जाने चाहिए। गांवों के ओडिएफ होने का मतलब है हर घर में शौचालय बन जाना। हालत यह है कि कही कही तो जिस घर में तीन परिवार है उन सभी को शौचालय दिया जा रहा है। अधिक से अधिक लोगों को आवास भी देने की कोशिश सरकार कर रही है। बिजली विभाग के लोग भी घर-घर तक पहुंचकर कनेक्शन दे रहे हैं। बीजेपी की कोशिश है कि हर परिवार तक किसी एक ऐसी योजना का लाभ पहुंचे जिससे वे यह मामने के लिए विवश हो कि सरकार ने उन्हें कुछ दिया है।


भाजपा के पूर्व महामंत्री ब्रजेश यादव कहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि सरकारी योजना गांव के अंतिम छोर तक पहुंचे। निश्चित तौर पर जनता भी अच्छा काम करने वाली सरकार चाहती है। यह स्वाभाविक सी बात है कि सरकार ने काम किया है तो उसे इसका लाभ मिलेगा। हम सरकार के काम को लेकर ही जनता के बीच जाएंगे।

By- Ranvijay Singh